Milk Production: हरियाणा में बढ़ी हुई भीषण गर्मी का असर अब दुधारू पशुओं पर दिखने लगा है. दरअसल, सिरसा जिले के वीटा मिल्क प्लांट के आंकड़ों से पता चला है कि 20 जून तक दूध उत्पादन में भारी गिरवाट आई है.
Barley: HAU ने जई की तीन नई किस्में तैयार की हैं जो देश के अलग-अलग राज्यों में उगाई जा सकेंगी. इससे पशुपालकों को बहुत लाभ होगा क्योंकि चारे की उपलब्धता बढ़ेगी और इसे खिलाने से पशुओं का दूध बढ़ेगा.
हरियाणा में जलभराव वाले क्षेत्रों के पानी का इस्तेमाल मछली पालन और झींगा उत्पादन के लिए किया जाएगा. इससे राज्य में ब्लू रेवोल्यूशन (नीली क्रांति) को बढ़ावा मिलेगा. राज्य के कृषि और किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने यह बात कही.
हरियाणा के कृषि मंत्री ने जानकारी दी कि प्राकृतिक खेती में किसान को कच्चे माल के भंडारण/प्रसंस्करण के लिए 4 ड्रम की खरीद के लिए प्रति किसान 3,000 रुपये दिए जाते हैं. इसी प्रकार, 2 एकड़ या उससे अधिक क्षेत्र में प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों को एक देसी गाय की खरीद पर 25000 रुपये की सब्सिडी दी जाती थी जो अब वर्ष 2025 से यह सब्सिडी बढ़ाकर 30000 रुपये (1 एकड़) कर दी गई है.
35 सालों से कर रहे पशुपालन करने वाले करनाल के ऐबली निवासी सुल्तान सिंह की गाय चर्चा के केंद्र बनी हुई है. उन्होंने कहा कि उनकी स्टेट चैंपियन रह चुकी है. उन्होंने किसानों से अच्छी नस्ल के पशुओं का पालन करने की सलाह दी.
हरियाणा सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार कोशिश कर रही है. किसानों को मछली पालन के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि उनकी आय बढ़ सके. राज्य के मत्स्य पालन मंत्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि भविष्य में सरकार का फोकस मछली पालन पर रहेगा और झींगा पालन को भी बढ़ावा दिया जाएगा.
पशुपालक सुनील ने बताया कि शकीरा गाय मिलकिंग चैंपियन है. इसने अपनी एक अलग पहचान बनाई है. वह साढ़े 6 साल की है. एचएफ नस्ल की गाय है. इस नस्ल की गाय ज्यादा दूध देती हैं. इस गाय का रखरखाव दूसरे पशुओं से ज्यादा किया जाता है, ताकि ये ज्यादा दूध दे.
चमत्कार की यह कहानी हरियाणा के भिवानी जिला अंतर्गत तोशाम कस्बे के हरिपुर गांव की है. गांव में रहने वाले रितिक के पास यह गाय है, जिसने उसके परिवार की किस्मत बदल दी है.
करनाल के पोल्ट्री किसानों पर आजकल दोहरी मार पड़ रही है. एक तरफ गर्मी बढ़ने से चिकन और अंडे के भाव में बड़ी गिरावट है जबकि दूसरी ओर चूजों की मृत्यु दर बढ़ गई है. अगले महीने से सावन भी शुरू हो रहा है जिसमें चिकन और अंडे की बिक्री गिर जाती है. ऐसे में पोल्ट्री किसान अपनी लागत को लेकर परेशान हैं.
यह रिसर्च ऐसे समय में शुरू की गई है जब हमेशा आंधी-तूफान की समस्या सामने आ रही है. जलवायु परिवर्तन ने आंधी-तूफान को सामान्य घटना बना दिया है. ऐसे में जब इंसानों पर इसका असर होता है, तो पशुओं पर भी तो होता होगा. NDRI की रिसर्च में पता चलेगा कि आंधी-तूफान का प्रभाव दूध उत्पादन पर पड़ता है या नहीं.
चरखी दादरी में आयोजित किया जाने वाला यह राज्य स्तरीय मेला है जिसमें पशुपालक पूरी तैयारी के साथ पहुंचते हैं. इस मेले में पशुपालकों को अपने-अपने तरीके से इनाम जीतने की जद्दोजहद रहती है. इस मेले में मुर्रा भैंस, झोटे और सफेद घोड़े आकर्षण का केंद्र बनते हैं. इन पशुओं को देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं.
टास्क फोर्स में राज्य गौसेवा आयोग के द्वारा तीन लोग नामांकित किए जाएंगे और प्रशासन दो गौसेवकं को नॉमिनेट करेगा. निशांत कुमार यादव कहते हैं, सदस्यों की बैकग्राउंड चेकिंग की जाएगी, अगर कोई आपराधिक रिकॉर्ड है तो उसे भी देखा जाएगी, उसके बाद ही कमेटी का गठन किया जाएगा.
केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को रेवाड़ी जिले के गांव बिदावास में 200 करोड़ की लागत से बने सहकारी दूध प्लांट का शिलान्यास किया. दूध प्लांट मिलने से ग्रामीणों में खुशी की लहर है. यहां के लोगों ने लड्डू बांटकर खुशी का इजहार किया.
रजिस्टर्ड नस्लीय भैंसों की बात करें तो देश में सबसे ज्यादा संख्या मुर्रा भैंस की है. मुर्रा भैंस देश में 6 करोड़ के आसपास हैं, वहीं अन्य भैंसों की संख्या पांच करोड़ के आसपास हैं. सबसे ज्यादा मुर्रा भैंस हरियाणा और यूपी में पाई जाती हैं.
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today