बाजपुर में ओलों की मार से फसलें तबाह, किसानों के बीच पहुंचे CM धामी

बाजपुर में ओलों की मार से फसलें तबाह, किसानों के बीच पहुंचे CM धामी

उत्तराखंड के बाजपुर में भीषण ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी प्रभावित इलाके में पहुंचे और किसानों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं. उन्होंने अधिकारियों को फसलों के नुकसान का जल्द सर्वे करने और प्रभावित किसानों को समय पर राहत देने के निर्देश दिए. इससे किसानों को मदद मिलने की उम्मीद है.

किसानों की फसल पर ओलों की मार!किसानों की फसल पर ओलों की मार!
रमेश चंद्र
  • Udham Singh Nagar,
  • Oct 10, 2026,
  • Updated Oct 10, 2026, 2:02 PM IST

उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के बाजपुर में अचानक हुई भीषण ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है. घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रभावित इलाके का जायजा लिया. हल्द्वानी से देहरादून लौटते समय उन्हें ओलावृष्टि की सूचना मिली, जिसके बाद उन्होंने खराब मौसम के बावजूद अपने हेलीकॉप्टर का रुख बाजपुर की ओर कर दिया. मुख्यमंत्री ने पहले हवाई सर्वेक्षण के जरिए प्रभावित क्षेत्रों को देखा और फिर बाजपुर में उतरकर खेतों का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने किसानों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और हरसंभव मदद का भरोसा दिया. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को फसलों के नुकसान का जल्द आकलन करने और प्रभावित किसानों को नियमानुसार राहत दिलाने के निर्देश दिए.

बाजपुर में अचानक हुई भीषण ओलावृष्टि

ऊधम सिंह नगर जिले के बाजपुर क्षेत्र में अचानक हुई तेज ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा है. ओले गिरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि फसल को नुकसान होने का सीधा असर उनकी आमदनी पर पड़ सकता है. ऐसे में किसानों को नुकसान का सही आकलन और समय पर राहत मिलने का इंतजार है. ओलावृष्टि की सूचना मिलने के बाद प्रशासन भी सक्रिय हो गया. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद प्रभावित क्षेत्र में पहुंचकर हालात देखने का फैसला किया, ताकि नुकसान की जानकारी सीधे किसानों और मौके पर मौजूद अधिकारियों से मिल सके.

हल्द्वानी से देहरादून लौटते समय बदला हेलीकॉप्टर का रास्ता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हल्द्वानी से देहरादून लौट रहे थे. इसी दौरान उन्हें बाजपुर में भीषण ओलावृष्टि और फसलों को हुए नुकसान की जानकारी मिली. इसके बाद उन्होंने खराब मौसम के बावजूद पायलट को हेलीकॉप्टर बाजपुर की ओर ले जाने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने सबसे पहले हेलीकॉप्टर से ओलावृष्टि प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया. इसके जरिए उन्होंने खेतों और आसपास के क्षेत्रों में नुकसान की स्थिति देखी. इसके बाद वह बाजपुर में उतरे और प्रभावित खेतों का मौके पर जाकर निरीक्षण किया.

किसानों से मिले मुख्यमंत्री, सुनीं समस्याएं

बाजपुर पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने प्रभावित किसानों से मुलाकात की. उन्होंने किसानों से बातचीत कर फसलों को हुए नुकसान और उनकी परेशानियों के बारे में जानकारी ली. किसानों के लिए फसल का नुकसान आर्थिक चिंता का विषय होता है, क्योंकि खेती पर ही उनकी आमदनी काफी हद तक निर्भर करती है. मुख्यमंत्री ने किसानों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार इस मुश्किल समय में उनके साथ खड़ी है. उन्होंने कहा कि प्रभावित किसानों को हरसंभव मदद देने का प्रयास किया जाएगा. सरकार की प्राथमिकता किसानों की समस्याओं को समझना और उन्हें नियमानुसार राहत उपलब्ध कराना है.

अधिकारियों को जल्द नुकसान का आकलन करने के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों का विस्तृत सर्वेक्षण जल्द पूरा किया जाए. उन्होंने नुकसान का आकलन प्राथमिकता के आधार पर करने और राहत से जुड़ी कार्रवाई तय समय के भीतर पूरी करने को कहा. फसल नुकसान का आकलन इसलिए जरूरी है, ताकि यह पता चल सके कि किन किसानों की फसलों को कितना नुकसान हुआ है. इसी जानकारी के आधार पर सरकारी नियमों के अनुसार राहत देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है.

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि किसानों की शिकायतों और समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए. नुकसान के आकलन से लेकर राहत उपलब्ध कराने तक किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए.

किसानों को राहत दिलाना सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के समय राज्य सरकार किसानों के साथ खड़ी है. किसानों के हितों की रक्षा करना और उन्हें हरसंभव सहायता देना सरकार की प्राथमिकता है. उन्होंने अधिकारियों से पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ काम करने को कहा. बाजपुर में हुई ओलावृष्टि के बाद अब प्रभावित किसानों को फसल नुकसान के आकलन और राहत संबंधी कार्रवाई का इंतजार है. प्रशासन की ओर से सर्वेक्षण पूरा होने के बाद नुकसान की स्थिति स्पष्ट होगी. किसानों को कितनी राहत मिलेगी, यह नुकसान के आकलन और लागू सरकारी नियमों के आधार पर तय होगा.

फिलहाल, मुख्यमंत्री के निरीक्षण के बाद प्रशासन को प्रभावित किसानों की समस्याओं के समाधान और राहत प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं. किसानों के लिए सबसे अहम यह होगा कि नुकसान का सही आकलन हो और उन्हें समय पर जरूरी सहायता मिल सके.

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