अल नीनो पर बड़ी बैठक, शिवराज सिंह चौहान करेंगे कृषि संकट की समीक्षा, सभी राज्य के मंत्री होंगे शामिल

अल नीनो पर बड़ी बैठक, शिवराज सिंह चौहान करेंगे कृषि संकट की समीक्षा, सभी राज्य के मंत्री होंगे शामिल

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान आज अल नीनो के संभावित प्रभावों पर उच्च स्तरीय बैठक करेंगे. इसमें सभी राज्यों के कृषि मंत्री, अधिकारी और मौसम विभाग के विशेषज्ञ शामिल होंगे. बैठक में कम वर्षा की स्थिति, फसलों पर असर और किसानों की सुरक्षा को लेकर विस्तार से चर्चा की जाएगी तथा जरूरी दिशा-निर्देश तय किए जाएंगे.

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क‍िसान तक
  • Noida,
  • Jun 23, 2026,
  • Updated Jun 23, 2026, 9:47 AM IST

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान आज सुबह 10 बजे अल नीनो के संभावित प्रभावों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक करने जा रहे हैं. यह बैठक वर्चुअल माध्यम से होगी, जिसमें देश के सभी राज्यों के कृषि मंत्री, कृषि सचिव और संबंधित अधिकारी शामिल होंगे. इसके अलावा, जिन जिलों में अल नीनो के कारण कम बारिश या सूखे जैसी स्थिति बनने की आशंका है, वहां के कलेक्टर और कृषि अधिकारी भी इस बैठक से जुड़ेंगे. मौसम विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी इस चर्चा में मौजूद रहेंगे, ताकि मौसम से जुड़ी सही जानकारी के आधार पर निर्णय लिए जा सकें.

अल नीनो और कृषि पर संभावित असर की समीक्षा

इस बैठक का मुख्य उद्देश्य अल नीनो के कारण देश की कृषि व्यवस्था पर पड़ने वाले असर की गहराई से समीक्षा करना है. अल नीनो एक ऐसी मौसमीय स्थिति होती है, जिसमें बारिश सामान्य से कम हो सकती है और इसका सीधा असर खेती और फसलों पर पड़ता है. कम बारिश की वजह से किसानों को सिंचाई, बुवाई और फसल उत्पादन में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार पहले से ही स्थिति पर नजर बनाए हुए है.

बैठक में यह भी चर्चा की जाएगी कि किन-किन राज्यों और जिलों में बारिश की कमी का ज्यादा असर हो सकता है. इसके साथ ही, वहां के किसानों को समय पर मदद और सलाह कैसे दी जाए, इस पर भी विस्तार से विचार किया जाएगा.

कम वर्षा से निपटने की तैयारी पर होगा मंथन

इस बैठक में कम वर्षा के कारण होने वाली परिस्थितियों से निपटने के उपायों पर भी गंभीर चर्चा होगी. अगर बारिश कम होती है तो किसानों को वैकल्पिक फसलों की ओर कैसे प्रेरित किया जाए, पानी की बचत कैसे की जाए और सिंचाई की बेहतर व्यवस्था कैसे सुनिश्चित की जाए, जैसे मुद्दों पर भी विचार किया जाएगा.

सरकार का प्रयास है कि किसी भी स्थिति में किसानों को नुकसान कम से कम हो और उनकी आय पर ज्यादा असर न पड़े. इसके लिए समय रहते योजनाएं बनाना और उन्हें जमीन पर लागू करना बहुत जरूरी माना जा रहा है.

राज्यों के साथ समन्वय और किसानों के लिए दिशा-निर्देश

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान इस बैठक में सभी राज्यों के साथ विस्तार से चर्चा करेंगे और किसानों के हित में जरूरी दिशा-निर्देश जारी करेंगे. राज्यों को यह भी बताया जाएगा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्थिति पर नजर रखें और जरूरत पड़ने पर तुरंत कदम उठाएं.

किसानों को समय पर जानकारी देना, उन्हें मौसम के अनुसार सलाह देना और सरकारी योजनाओं का लाभ तेजी से पहुंचाना इस बैठक के प्रमुख बिंदुओं में शामिल रहेगा. सरकार चाहती है कि किसान भाई-बहनों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े और वे अपनी खेती सही तरीके से कर सकें.

हर सप्ताह हो रही समीक्षा बैठक

यह भी ध्यान देने योग्य है कि शिवराज सिंह चौहान लगातार हर सप्ताह अल नीनो की स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मौसम में होने वाले बदलावों पर सरकार की नजर बनी रहे और समय रहते जरूरी कदम उठाए जा सकें. नियमित समीक्षा से राज्यों के साथ बेहतर समन्वय बनता है और किसानों तक सहायता तेजी से पहुंचाई जा सकती है.

कुल मिलाकर, यह बैठक किसानों की सुरक्षा और कृषि व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है, जिससे देश के कृषि क्षेत्र को मौसम की अनिश्चितताओं से बचाया जा सके.

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