किचन में खाना बनाना हो, या गाय पालना... या फिर ड्रोन उड़ाना... राजस्थान की आशाबेन चौधरी किसी भी मामले में पीछे नहीं है. वो महिलाओं के लिए आशा बनकर उभरी हैं. आशाबेन राजस्थान के बनासकांठा की रहने वाली हैं. उन्होंने मकैनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी. लेकिन शादी के बाद जब रोजगार नहीं मिला तो उन्होंने जैविक खेती शुरू की. पर आशाबेन कुछ नया और अलग करना चाह रही थीं. इस बीच उन्हें ड्रोन दीदी योजना के बारे में पता चला. जिसके तहत खेतों में ड्रोन से छिड़काव करने की ट्रेनिंग दी जाती है और साथ ड्रोन भी मुहैया कराए जाते हैं. फिर क्या था... आशाबेन ने इस योजना में रजिस्ट्रेशन कराया और पुणे जाकर 15 दिन ड्रोन उड़ाने की ट्रेनिंग ली