गन्ना और गुड़ उत्‍पादकों को मिलेगा सरकारी योजना का लाभ, तीन हजार किसानों को दी जाएगी ट्रेनिंग

गन्ना और गुड़ उत्‍पादकों को मिलेगा सरकारी योजना का लाभ, तीन हजार किसानों को दी जाएगी ट्रेनिंग

बिहार के गन्ना उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव के. सेंथिल कुमार ने शुक्रवार को विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की, जिसमें उन्‍होंने राज्‍य के छोटे गुड़ उत्‍पादकों और गन्ना किसानों को इस योजना का लाभ देने के निर्देश दिए.

गन्ना किसानों के लिए खुशखबरी गन्ना किसानों के लिए खुशखबरी
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Jan 02, 2026,
  • Updated Jan 02, 2026, 6:54 PM IST

बिहार के छोटे गुड़ उत्‍पादकों और गन्ना किसानों के लिए एक अच्छी खबर है. दरअसल, बिहार के गन्ना उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव के. सेंथिल कुमार ने शुक्रवार को विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की, जिसमें उन्‍होंने राज्‍य के छोटे गुड़ उत्‍पादकों और गन्ना किसानों को भी गुड़ प्रोत्साहन योजना का लाभ देने के निर्देश दिए. उन्होंने बंद पड़ी चीनी मिलों के दोबारा शुरु होने  और नई चीनी मिलों की स्‍थापना के साथ ही राज्य में गन्ना खेती का विस्तार कराने का निर्देश अधिकारियों को दी.

गन्ना किसानों को ट्रेनिंग देना जरूरी

अपर मुख्य सचिव ने कहा कि गन्ने की बेहतर उपज के लिए किसानों को ट्रेनिंग देना जरूरी है. इसके लिए राज्‍य के तीन हजार गन्ना किसान दूसरे राज्‍य में जाएंगे और वहां के प्रगतिशील किसानों से मिलकर मूल्य संवर्धित विधि सीखेंगे. उनके साथ अधिकारी भी जाएंगे और हर प्रशिक्षण के बाद सामूहिक रिपोर्ट विभाग को देंगे, ताकि गन्ना और गुड़ उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी प्रदेशों में अपनाई जा रही उन्नत और प्रभावी खेती तकनीकों को राज्य में भी समान रूप से लागू किया जा सके.

'किसानों को समय पर मिले मुआवजा'

उन्होंने कहा कि गन्ना रोपाई, सिंचाई और हार्वेस्टिंग के लिए योजनाएं बनाकर राज्य के किसानों को विशेष सब्सिडी का लाभ दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि गन्ने की फसल नुकसान होने पर किसानों को फसल बीमा का लाभ समय पर मिलना चाहिए. इसके अलावा किसानों को प्रोत्साहित करने और नए तकनीकों को अपनाने के लिए राज्‍य स्‍तर पर गन्ना महोत्सव का आयोजन किया जाएगा. उन्‍होंने राज्‍य के सभी पात्र किसानों को गन्ना यंत्रीकरण योजना का लाभ देने का निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिया. बैठक में संयुक्त निदेशक ईख विकास, विशेष कार्य पदाधिकारी सहित अन्‍य अधिकारी मौजूद रहे.

बिहार में दो चीनी मिलों का होगा पुनर्जन्म

बता दें कि दो दिन पहले ही बिहार के सहकारिता मंत्री प्रमोद कुमार ने बताया था कि राज्य की दो बंद चीनी मिलों, सकरी और रैयाम का संचालन सहकारिता विभाग के माध्यम से किया जाएगा. मंत्री ने कहा था कि इस दिशा में तैयारी शुरू कर दी गई है. हालांकि, कैबिनेट से प्रस्ताव को अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद ही सहकारी समितियों के गठन की प्रक्रिया आरंभ की जाएगी और उसके पश्चात ही चीनी मिलों का संचालन शुरू होगा.

सहकारिता मंत्री प्रमोद कुमार ने कहा था कि दोनों चीनी मिलों को पुनर्जीवित करने की तैयारियां शुरु चुकी हैं. इन चीनी मिलों के चालू होने से न सिर्फ स्थानीय किसानों को लाभ मिलेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे. मंत्री ने बताया कि सहकारिता मॉडल के जरिए मिलों के संचालन से पारदर्शिता और किसानों की सीधी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी.

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