एग्री इंफ्रा फंड का दायरा बढ़ा, छोटे-छोटे प्रॉसेसिंग प्लांट के लिए किसानों को पैसे देगी सरकार

एग्री इंफ्रा फंड का दायरा बढ़ा, छोटे-छोटे प्रॉसेसिंग प्लांट के लिए किसानों को पैसे देगी सरकार

कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसले हुए. इंट्रीग्रेटेड सेकेंडरी प्रॉसेसिंग पर सरकार ने फोकस बढ़ाया है. उदाहरण के लिए, फल उगाने वाला किसान तुड़ाई के बाद स्‍टोरेज के लिए अब प्रॉसेसिंग से जूस बनाने के लिए प्‍लांट लगा सकता है. इसके लिए सरकार फंड जारी करेगी. पीएम कुसुम, सौर ऊर्जा प्‍लांट लगाने के लिए फंड की व्यवस्था की गई है.

Ashwini VaishnavAshwini Vaishnav
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Aug 28, 2024,
  • Updated Aug 28, 2024, 5:39 PM IST

नई दिल्ली में आज केंद्रीय कैबिनेट की बैठक हुई. इसमें रेल, आईटी व संसदीय मामलों के मंत्री अश्‍विनी वैष्‍णव, संसदीय राज्‍य मंंत्री और मत्‍यपालन मंंत्री के मुरुगन शामिल हुए. कैबिनेट में लिए गए फैसले के मुताबिक देश में 12 नए औद्योगिक एरिया बनेंगे. मैन्यूफैक्चरिंग पर सरकार तेज डेवलपमेंट करेगी. ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जाएंगे. गैस पाइपलाइन, इलेक्ट्रिसिटी सुविधाएं विकसित की जाएंगी. 10 लाख सीधी नौकरियों बनेंगी और 30 लाख इनडायरेक्ट नौकरियों के मौके बनेंगे. सबसे खास बात ये रही कि सरकार ने एग्री इंफ्रा फंड का दायरा बढ़ाते हुए इसकी पहुंच छोटे किसानों तक कर दी है.

क्या हुए बड़े फैसले

-एग्रीकल्चर इंफ्रा फंड में 1 लाख करोड़ रुपये का फंड रखा गया है. इसके तहत पोस्ट हार्वेस्टिंग पर सरकार का फोकस रहेगा. 

एग्री इंफ्रा फंड के पैसे से इंट्रीग्रेटेड पैक हाउस बनाए जाएंगे.
कोल्ड स्टोरेज विकसित होंगे.
रेफ्रीजेरेटेड वेहिकल लाए जाएंगे. 
प्राइमरी प्रॉसेसिंग यूनिट लगाई जाएंगी.
पीएम कुसम योजना के तहत सोलर प्लांट से बिजली ग्रिड में बेचने में दिक्कत को दूर की गई है. सरकार ने कहा, इससे किसानों को निवेश लगता है. ऐसे में प्लांट लगाने में उसकी फंडिंग एग्री इंफ्रा फंड से मिल सकेगी.

-इंट्रीग्रेटेड सेकेंडरी प्रॉसेसिंग पर सरकार का अधिक फोकस. उदाहरण के लिए, फल उगाने वाला किसान तुड़ाई के बाद स्‍टोरेज के लिए अब प्रॉसेसिंग से जूस बनाने के लिए प्‍लांट लगा सकता है. पीएम कुसुम, सौर ऊर्जा प्‍लांट लगाने के लिए फंड की व्यवस्था की गई है. प्रोजेक्‍ट के लिए नाबॉर्ड से फंड की व्‍यवस्‍था गई है.

-कैबिनेट के फैसले में कहा गया है कि यूपी के आगरा, प्रयागराज में फ्रेट कॉरीडोर विकसित किए जाएंगे, जिसमें एग्रो- फूड प्रॉसेसिंग समेत कई तरह यूनिट लगाई जाएंगी. उत्तराखंड, बिहार के गया में और महाराष्ट्र के दीघी पोर्ट को विकसित किया जाएगा. राजस्थान के जोधपुर में एग्रो-फूड प्रॉसेसिंग यूनिट स्थापित की जाएंगी.

AIF में बड़े ऐलान

देश में कृषि अवसंरचना (एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर) को बढ़ाने, सुदृढ़ करने और कृषक समुदाय को मदद देने के लिए सरकार ने कृषि अवसंरचना कोष (AIF) योजना के दायरे का विस्तार करने के लिए कई उपायों की घोषणा की है. इन पहलों का उद्देश्य पात्र परियोजनाओं के दायरे का विस्तार करना और एक सुदृढ़ कृषि अवसंरचना पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने के लिए अतिरिक्त सहायक उपायों को जोड़ना है.

व्यवहार्य कृषि परिसंपत्तियां: योजना के सभी पात्र लाभार्थियों को ‘सामुदायिक कृषि परिसंपत्तियों के निर्माण के लिए व्यवहार्य परियोजनाओं’ के अंतर्गत आने वाले बुनियादी ढांचा को बनाने की अनुमति देना. इस कदम से व्यवहार्य परियोजनाओं का विकास सुगम होने की उम्मीद है. ये सामुदायिक कृषि क्षमताओं को बढ़ाएंगी जिससे इस क्षेत्र में उत्पादकता और स्थिरता में सुधार होगा.

एकीकृत प्रसंस्करण परियोजनाएं: कृषि अवसंरचना कोष (AIF) के अंतर्गत पात्र गतिविधियों की सूची में एकीकृत प्राथमिक द्वितीयक प्रसंस्करण परियोजनाओं को शामिल करना. हालांकि, सिर्फ द्वितीयक परियोजनाएं पात्र नहीं होंगी और उन्हें खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की योजनाओं के अंतर्गत शामिल किया जाएगा.

पीएम कुसुम घटक-ए: किसान/किसानों के समूह/किसान उत्पादक संगठनों/सहकारी समितियों/पंचायतों के लिए पीएम-कुसुम के घटक-ए को एआईएफ के साथ मिलाने की अनुमति देना. इन पहलों के मेल का उद्देश्य कृषि बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ टिकाऊ स्वच्छ ऊर्जा समाधानों को बढ़ावा देना है.

एनएबी संरक्षण: सीजीटीएमएसई के अलावा, एनएबी संरक्षण ट्रस्टी कंपनी प्राइवेट लिमिटेड के जरिए एफपीओ के एआईएफ क्रेडिट गारंटी कवरेज का विस्तार करने का प्रस्ताव है. क्रेडिट गारंटी विकल्पों के इस विस्तार का उद्देश्य एफपीओ की वित्तीय सुरक्षा और ऋण-योग्यता को बढ़ाना है, जिससे कृषि अवसंरचना परियोजनाओं में अधिक निवेश को बढ़ावा मिले.

2020 में प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए जाने के बाद से ही एआईएफ 6623 गोदामों, 688 कोल्ड स्टोर और 21 साइलो परियोजनाओं के निर्माण का समर्थन करने में मददगार रहा है, जिसके चलते देश में लगभग 500 एलएमटी की अतिरिक्त भंडारण क्षमता प्राप्त हुई है. इसमें 465 एलएमटी शुष्क भंडारण और 35 एलएमटी कोल्ड स्टोरेज क्षमता शामिल है. इस अतिरिक्त भंडारण क्षमता से सालाना 18.6 एलएमटी खाद्यान्न और 3.44 एलएमटी बागवानी उपज की बचत की जा सकती है. एआईएफ के अंतर्गत अब तक 74,508 परियोजनाओं के लिए 47,575 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं. इन स्वीकृत परियोजनाओं ने कृषि क्षेत्र में 78,596 करोड़ रुपये का निवेश जुटाया है, जिसमें से 78,433 करोड़ रुपये निजी संस्थाओं से जुटाए गए हैं.

रेलवे के तीन इंफ्रा प्रोजेक्ट को मंजूरी

1) जमशेदपुर पुरूलिया आसनसोल (तीसरी लाईन, 121 km)

2)सरडेगा- ( सुंदरगढ़ जिला)- भालूमुडा( रायगढ़ जिला)— नई डबल लाईन-37km

3) बरगढ़ रोड से नवापारा (ओडिशा) नई लाईन, 138 km

एक्ट ईस्ट नीति

पूर्वोत्तर में 62 गीगावाट की जलविद्युत क्षमता है. जलविद्युत परियोजनाओं से स्वच्छ ऊर्जा जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करेगी.

- जलविद्युत परियोजनाओं के विकास के लिए पूर्वोत्तर राज्यों को इक्विटी समर्थन की आवश्यकता है.

-जलविद्युत विकास के लिए पूर्वोत्तर राज्यों को 4,136 करोड़ रुपये की इक्विटी सहायता प्रदान करेगी सरकार.

-इससे पूर्वोत्तर राज्यों में विकास होगा और नागरिकों के जीवन में सुधार आएगा.

स्मार्ट सिटी परियोजना को मंजूरी

-केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 12 औद्योगिक स्मार्ट सिटी परियोजना को मंजूरी दी है.

-इसकी कुल लागत 28,602 करोड़ होगी.

-इसमें 1.52 लाख करोड़ निवेश की संभावना है.

-परियोजनाओं में 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगार और 30 लाख तक अप्रत्यक्ष रोजगार की संभावना होगी.

-इसमें 10 राज्य, 06 कॉरिडोर होंगे. इस पर कुल लागत 28,602 करोड़ रुपये होगी.

-निवेश की संभावना- 1,52,757 करोड़

-रोजगार की संभावना- 9.39 लाख नौकरियां

अमृतसर कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर में 5 परियोजनाएं

1. आईएमसी खुरपिया, उत्तराखंड
- 1,002 एकड़

2. आईएमसी राजपुरा पटियाला, पंजाब
- 1,099 एकड़

3. आईएमसी आगरा, उत्तर प्रदेश
- 1,058 एकड़

4. आईएमसी प्रयागराज, उत्तर प्रदेश
- 352 एकड़

5. आईएमसी गया, बिहार
- 1,670 एकड़

दिल्ली मुंबई औद्योगिक गलियारे में 2 परियोजनाएं

1. दिघी, महाराष्ट्र
- 6,056 एकड़

2. जेपीएमआईए, राजस्थान
-1,578 एकड़

विजाग चेन्नई औद्योगिक गलियारा, हैदराबाद बेंगलुरु औद्योगिक गलियारा, हैदराबाद नागपुर औद्योगिक गलियारा और चेन्नई बेंगलुरु औद्योगिक गलियारा (विस्तार) में से प्रत्येक में 1 परियोजना.

1. कोप्पर्थी, आंध्र प्रदेश
-2,596 एकड़

2. ओर्वाकल, आंध्र प्रदेश
-2,621 एकड़

3. जहीराबाद, तेलंगाना
-3,245 एकड़

4. पलक्कड़, केरल
- 1,710 एकड़

 

MORE NEWS

Read more!