Haryana Budget: हरियाणा में 8,319 करोड़ का कृषि बजट, किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

Haryana Budget: हरियाणा में 8,319 करोड़ का कृषि बजट, किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 2026–27 का बजट पेश करते हुए कुल व्यय को बढ़ाकर 2,23,658 करोड़ रुपये करने की घोषणा की. कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, सहकारिता और ग्रामीण विकास जैसे प्रमुख क्षेत्रों में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है—कुछ विभागों में 70% तक. बजट का उद्देश्य विकास और वित्तीय अनुशासन के बीच संतुलन बनाना और किसानों, युवाओं और सामाजिक समूहों को अधिक लाभ देना है.

सीएम नायब सिंह सैनी (File Photo: PTI)सीएम नायब सिंह सैनी (File Photo: PTI)
क‍िसान तक
  • Chandigarh,
  • Mar 02, 2026,
  • Updated Mar 02, 2026, 7:23 PM IST

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को बतौर वित्तमंत्री विधानसभा में वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया. मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य का कुल व्यय 2025-26 (संशोधित अनुमान) में 2,02,816.66 करोड़ रुपये था, जिसे 2026-27 में बढ़ाकर 2,23,658.17 करोड़ रुपये किया गया है. यह लगभग 10.3 प्रतिशत की वृद्धि है, जो यह दर्शाती है कि सरकार विकास और वित्तीय अनुशासन—दोनों के बीच संतुलन बनाए हुए है. 

कृषि के बजट में बड़ा इजाफा

उन्होंने कहा कि इस बार कृषि और संबद्ध सेवाओं का बजट 7,651.13 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 8,319.77 करोड़ रुपये किया गया है, जिसमें 8.74 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है, ताकि किसानों की आय बढ़े और खेती को लाभकारी बनाया जा सके. पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग का बजट 562.19 करोड़ से बढ़ाकर 741.55 करोड़ रुपये किया गया है, जो लगभग 32 प्रतिशत अधिक है. सहकारिता विभाग में 1,156.37 करोड़ से बढ़ाकर 1,970 करोड़ रुपये का प्रावधान कर 70 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि की गई है. 

शिक्षा और खेल के लिए बजट 21,368.10 करोड़

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा और खेल के लिए बजट 21,368.10 करोड़ से बढ़ाकर 23,603.69 करोड़ रुपये किया गया है, जो 10.46 प्रतिशत की वृद्धि है. युवा सशक्तिकरण, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग का बजट 1,101.44 करोड़ से बढ़ाकर 1,512.21 करोड़ रुपये किया गया है, जिसमें 37.29 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. स्वास्थ्य, मेडिकल शिक्षा एवं परिवार कल्याण के बजट को 11,507.11 करोड़ से बढ़ाकर 14,007.28 करोड़ रुपये किया गया है, जो 21.73 प्रतिशत अधिक है.

गृह, नागरिक सुरक्षा एवं कारागार विभाग का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इनका बजट 7,904.99 करोड़ से बढ़ाकर 8,475.01 करोड़ रुपये किया गया है, जिसमें 7.21 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. ऊर्जा विभाग के बजट को 8,671.37 करोड़ से समायोजित कर 6,868 करोड़ रुपये किया गया है. सामाजिक न्याय, पिछड़ा वर्ग एवं अंत्योदय (SEWA) विभाग का बजट 14,905.24 करोड़ से बढ़ाकर 17,250.72 करोड़ रुपये किया गया है, जिसमें 15.74 प्रतिशत की वृद्धि है. 

महिला एवं बाल विकास विभाग के बजट में वृद्धि

मुख्यमंत्री ने महिला एवं बाल विकास विभाग के बजट में भी 14.91 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है. इस बार का बजट 1,969.65 करोड़ से बढ़ाकर 2,263.29 करोड़ रुपये किया गया है. इसी तरह से ग्रामीण विकास एवं पंचायतों का बजट 7,083.17 करोड़ से बढ़ाकर 8,703.74 करोड़ रुपये किया गया है, जिसमें 22.88 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. परिवहन एवं नागरिक उड्डयन विभाग के लिए बजट 3,654.54 करोड़ से बढ़ाकर 4,116.13 करोड़ रुपये किया गया है, जो 12.63 प्रतिशत अधिक है. 

बजट में शहरों के समुचित विकास पर भी विशेष फोक्स किया गया है, इसके तहत नगर एवं ग्राम नियोजन और शहरी निकायों के बजट में 5,444.31 करोड़ से बढ़ाकर 6,797.57 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें 24.86 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है.

इस साल के बजट वाले मुख्य सेक्टर

  • होम डिपार्टमेंट- 8475 करोड़ (7% बढ़ोतरी)
  • रेवेन्यू - 4024 करोड़ (84% बढ़ोतरी)
  • इंडस्ट्री- 1,950 करोड़, लेबर डिपार्टमेंट - 91 करोड़
  • स्पोर्ट्स- 2200.63 करोड़
  • हेल्थ और फैमिली वेलफेयर -14,007 करोड़
  • पब्लिक हेल्थ- 5,912 करोड़
  • इरिगेशन - 6,446 करोड़
  • एग्रीकल्चर- 4,609 करोड़ (4% बढ़ोतरी)
  • हॉर्टिकल्चर- 1,176 करोड़
  • एनिमल हस्बैंड्री और डेयरी - 2,290 करोड़
  • फिशरी - 242 करोड़
  • कोऑपरेटिव- 1970 करोड़
  • ह्यूमन डेवलपमेंट के तहत- बेसिक एजुकेशन- 10,855 करोड़, सेकेंडरी एजुकेशन- 7,862 करोड़, हायर एजुकेशन- 4,197 करोड़
  • एक्साइज और टैक्सेशन- 77,950 करोड़
  • पावर डिपार्टमेंट- 6868 करोड़
  • PWD - 5893 करोड़
  • ट्रांसपोर्ट - 3542 करोड़
  • पंचायती राज और रूरल डेवलपमेंट- 8703 करोड़
  • अर्बन लोकल बॉडीज़ - 6240 करोड़ (23% बढ़ोतरी)
  • टाउन एंड कंट्री प्लानिंग - 556 करोड़ (50% बढ़ोतरी)
  • हाउसिंग - 2424 करोड़ (31% बढ़ोतरी)
  • टूरिज्म - 380 करोड़ (105% बढ़ोतरी)
  • एनवायरनमेंट, एनिमल्स और नेचुरल रिसोर्सेज़- 741 करोड़ (31% बढ़ोतरी)
  • महिला और बाल विकास - 2263 करोड़

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