हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 26 सरकारी योजनाओं के तहत 50.28 लाख से ज्यादा लाभार्थियों के बैंक खातों में 1,890.16 करोड़ रुपये DBT के जरिए ट्रांसफर किए. इसमें किसानों को आलू, फूलगोभी और शहद के लिए भावांतर भरपाई के तहत 49.89 करोड़ रुपये मिले.
हरियाणा सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए करनाल स्थित पोटैटो टेक्नोलॉजी सेंटर से आलू की उन्नत और रोग प्रतिरोधी किस्मों के प्रमाणित बीज उपलब्ध करा रही है. किसान बागवानी विभाग के पोर्टल पर घर बैठे ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं. वायरस-मुक्त बीजों के उपयोग से उत्पादन बढ़ेगा और बेहतर क्वालिटी के कारण बाजार में अच्छे दाम मिलने की संभावना भी बढ़ेगी.
हरियाणा में आलू किसानों की बकाया भावांतर भरपाई राशि को लेकर भाकियू चढ़ूनी ने सरकार से जल्द भुगतान की मांग की है. किसान संगठन ने चेतावनी दी है कि पूरी राशि खातों में नहीं पहुंची तो किसान आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे.
हरियाणा में कृषि, सिंचाई और ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए NABARD ने 6,175 परियोजनाओं के लिए 15,056 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं. इस राशि से सिंचाई, ग्रामीण सड़क, पेयजल और अन्य विकास कार्यों को गति मिलेगी. राज्य में PACS के डिजिटलीकरण और FPO को भी बढ़ावा दिया जा रहा है.
हरियाणा में फसल बीमा योजना को लेकर नया विवाद सामने आया है. कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने आरोप लगाया है कि राज्य में मृत किसानों के नाम पर कथित तौर पर फर्जी फसल बीमा क्लेम पास किए गए. उन्होंने मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की है.
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के सभी नलकूपों और ट्यूबवेलों के पानी की मुफ्त वैज्ञानिक जांच कराने के निर्देश दिए हैं. जांच रिपोर्ट को ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ पोर्टल से जोड़कर किसानों को पानी की क्वालिटी के अनुसार फसल चयन और कृषि प्रबंधन की वैज्ञानिक सलाह दी जाएगी. साथ ही प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने, एपीडा प्रमाणित किसानों को 10,000 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन, देसी गाय खरीद पर 30,000 रुपये तक सहायता, गन्ना उत्पादन बढ़ाने और कपास किसानों के लिए मशीनों पर सब्सिडी जैसी योजनाओं को तेजी से लागू करने के निर्देश भी दिए गए हैं.
हरियाणा सरकार ने कृषि को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 2,738 करोड़ रुपये की सतत बागवानी संवर्धन परियोजना शुरू की है. इसके साथ एग्री बिजनेस एंड कोल्ड चेन सेंटर की आधारशिला भी रखी गई. सरकार का दावा है कि इससे किसानों की आय बढ़ेगी, फसल नुकसान घटेगा और कृषि निर्यात को नई गति मिलेगी.
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने माइक्रो इरिगेशन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए हैं. सरकार का लक्ष्य कम पानी में अधिक सिंचाई करना और किसानों की ट्यूबवेल पर निर्भरता घटाना है. जानिए राज्य सरकार का पूरा प्लान...
हरियाणा सरकार ने गन्ना किसानों को राहत देते हुए चौड़ी कतारों में रोपण और एकल-आंख विधि अपनाने पर प्रोत्साहन राशि बढ़ाकर 5 हजार रुपये प्रति एकड़ कर दी है. योजना के तहत आवेदन, सत्यापन और भुगतान की पूरी प्रक्रिया भी तय कर दी गई है. पढ़ें पूरी खबर...
हरियाणा में किसानों को ट्यूबवेल कनेक्शन पर 10 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली मिलती रहेगी. बिजली की लागत बढ़ने के बावजूद सरकार सब्सिडी बढ़ाकर इसका भार खुद उठाएगी. इस फैसले से लाखों किसानों को सिंचाई में राहत मिलेगी और खेती की लागत नियंत्रित रहेगी.
हिसार में आयोजित हरियाणा कृषि मेले में सीएम नायब सैनी ने सतत खेती, फसल विविधीकरण और डिजिटल तकनीक अपनाने पर जोर दिया. मेले में किसानों को नई तकनीकों और योजनाओं की जानकारी दी गई.
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 2026–27 का बजट पेश करते हुए कुल व्यय को बढ़ाकर 2,23,658 करोड़ रुपये करने की घोषणा की. कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, सहकारिता और ग्रामीण विकास जैसे प्रमुख क्षेत्रों में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है—कुछ विभागों में 70% तक. बजट का उद्देश्य विकास और वित्तीय अनुशासन के बीच संतुलन बनाना और किसानों, युवाओं और सामाजिक समूहों को अधिक लाभ देना है.
हरियाणा के किसानों के लिए कृषि लोन लेना अब पहले जैसा मुश्किल नहीं रहेगा. सरकार ने कागजी कार्रवाई और बैंकों की लंबी लाइनों से राहत देने का बड़ा ऐलान किया है. नई व्यवस्था से लोन प्रक्रिया तेज और सरल होने वाली है.
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