
बिहार में सहकारिता क्षेत्र को मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सकरी और रैयाम में सहकारी चीनी मिल खोलने का निर्देश दिया है. यह निर्देश गुरुवार को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित राज्य सहकारी विकास समिति की पांचवीं बैठक में दिया गया. सकरी चीनी मिल मधुबनी जिले में है जो बंद पड़ी है. इस मिल को सहकारिता के मॉडल पर तैयार किया जाएगा. रैयाम चीनी मिल दरभंगा में है और इस जिले की एकमात्र मिल है जिसके दोबारा शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है.
बैठक के दौरान सहकारिता व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. मुख्य सचिव ने पैक्सों (प्राथमिक कृषि साख समितियों) में माइक्रो एटीएम की सुविधा उपलब्ध कराने, सहकारी बैंकों में सरकारी फंड रखने, विश्व की सबसे बड़ी विकेंद्रीकृत अन्न भंडारण योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और सभी सहकारी समितियों के निबंधन को सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया.
बैठक में भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के अपर सचिव पंकज कुमार बंसल ने राज्य में अब तक निबंधित नहीं हुई डेयरी सहयोग समितियों का जल्द निबंधन कराने का निर्देश दिया. इसके साथ ही उन्होंने पैक्सों के माध्यम से किसानों को लोन वितरण को और मजबूत करने, लक्ष्य निर्धारित कर लोन वसूली की प्रक्रिया में तेजी लाने और स्वयं सहायता समूह (SHG), जेएलजी और डीएससी को सहकारी बैंकों से जोड़कर व्यवसाय बढ़ाने पर बल दिया.
बैठक के दौरान पैक्सों के दूसरे चरण के चयन से संबंधित सूचना भारत सरकार को भेजे जाने की जानकारी भी दी गई. इसके अलावा वेजफेड को “सफल” योजना के साथ तालमेल बना कर काम करने का निर्देश दिया गया. बैठक में लिए गए निर्णयों को राज्य में सहकारिता आंदोलन को नई गति देने और किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है.
रैयाम चीनी मिल दरभंगा जिले में जबकि सकरी मिल मधुबनी में है. रैयाम चीनी मिल का इतिहास आजादी से पहले का है जब उसे शुरू किया गया था. इन मिलों का संचालन बिहार राज्य शुगर कॉरपोरेशन के तहत होता था. रैयाम मिल 1994 में बंद हो गई थी जिसके 2011 में फिर से चालू होने की संभावना जगी थी. तिरहुत इंडस्ट्रीज को इसे शुरू करने का जिम्मा भी दिया गया, लेकिन मिल का काम शुरू नहीं हो सका. अब बिहार सरकार ने इसे दोबारा चालू करने की मंजूरी दे दी है और इसकी प्रक्रिया भी शुरू हो गई है.
सकरी चीनी मिल मधुबनी जिले में है जो अभी बंद पड़ी है. बिहार सरकार इसे भी सहकारिता के मॉडल पर दोबारा शुरू करेगी. इसके लिए कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है. इस मिल के दोबारा शुरू होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ेगा, किसानों की कमाई बढ़ने के साथ ही गन्ना उत्पादन भी बढ़ेगा. प्रदेश के गृह सचिव ने रैयाम के साथ ही सकरी मिल को दोबारा शुरू करने का निर्देश दिया है. इसका उद्देश्य गन्ना किसानों को राहत देना है ताकि उनकी आय में इजाफा हो.(रोहित कुमार सिंह की रिपोर्ट)