
5 मार्च को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का जन्मदिन है. भोपाल स्थित अपने सरकारी बंगले पर किसान और लाडली बहनों के बीच में उन्होंने धूमधाम से अपना जन्मदिन मनाया. इस खास मौके पर बड़ी संख्या में प्रदेश के सुदूर अंचलों से आए हुए किसान भी मौजूद रहे. किसानों ने उन्हें गुलदस्ते देने की बजाय खेतों में उगने वाली फसलों का प्रतीक देते हुए गेहूं और लहसुन के बंडल और पौधे भेंट किए.
जन्मदिन के अवसर पर शिवराज सिंह चौहान ने दिव्यांगजनों को बैटरी चलित ट्राई साइकिल भी भेंट की. ट्राई साइकिल देने से पहले उन्होंने दिव्यांगों के पैर धोकर और तिलक लगाकर उनका सम्मान किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद लोगों की सेवा करना ही उनके जीवन का सबसे बड़ा उद्देश्य है.
अपने जन्मदिन को यादगार बनाने के लिए शिवराज सिंह चौहान ने पांच महत्वपूर्ण संकल्प भी लिए. उन्होंने बताया कि पहला संकल्प दिव्यांगजनों को बैटरी चलित ट्राई साइकिल उपलब्ध कराने का है क्योंकि दिव्यांगजन को बैटरी चलित रिक्शा मिलने से न सिर्फ उनका जीवन आसान हो जाएगा बल्कि यह उनके लिए भी एक खास तोहफा होगा. इसके साथ ही गरीब बच्चों के लिए निशुल्क ‘मामा कोचिंग’ की व्यवस्था करने का भी संकल्प लिया गया है. प्रदेश में आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे युवक और युवतियां हैं जो पैसे के अभाव में अच्छी कोचिंग का लाभ नहीं ले पाते हैं. ऐसे में उन्होंने उनके लिए नि:शुल्क कोचिंग व्यवस्था करने का फैसला लिया है.
इसके अलावा प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक मोबाइल मेडिकल यूनिट चलाने कभी निर्णय किया है. आज भी गांव में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं ग्रामीणों तक नहीं पहुंच पाती हैं. ऐसे में मोबाइल मेडिकल यूनिट की मदद से ग्रामीणों को काफी राहत मिलेगी. गांवों में पढ़ने वाले प्रतिभावान बच्चों की मदद करने और उन्हें लैपटॉप जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम करने का संकल्प लिया गया है.
इस मौके पर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हर साल जन्मदिन यह याद दिलाता है कि जीवन का एक साल और बीत गया. ऐसे में बचे हुए समय को समाज और देश की सेवा में लगाकर उसे यादगार बनाना ही उनके लिए सबसे बड़ी प्रेरणा है. उन्होंने कहा कि सेवा और समाज के लिए काम करने का यह संकल्प उन्हें आगे बढ़ने की ऊर्जा देता रहेगा.
अपने जन्मदिन के खास मौके पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पेड़ भी लगाया. उन्होंने कहा कि पेड़ लगाने से न सिर्फ पृथ्वी का संरक्षण होता है बल्कि जीवन के लिए प्राण वायु भी हमें मिलती है.