
तेलंगाना में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के नेता हरीश राव ने खम्मम कपास मंडी का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने राज्य की कांग्रेस सरकार पर किसानों की दुर्दशा का आरोप लगाया. हरीश राव ने किसानों की परेशानी समझने के लिए उनसे बातचीत की. मीडिया से बात करते हुए हरीश राव ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने किसानों के लिए घोषणापत्र में किए गए किसी भी वादे को पूरा नहीं किया है. सरकार ने कपास किसानों को 500 रुपये बोनस देने का वादा किया था, लेकिन अब उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है.
बीआरएस नेता ने कहा कि बोनस का वादा एक फर्जी वादा बनकर रह गया है. बाजार यार्ड के आंकड़ों के आधार पर कपास की कीमतें 6,500 रुपये प्रति क्विंटल से आगे नहीं बढ़ी पाई हैं. बीआरएस नेता ने कहा कि बेमौसम हुई बारिश से फसलों को नुकसान पहुंचा है और पैदावार कम हुई है, जिससे किसानों को नुकसान हुआ है. आठ एकड़ खेत में कपास की खेती करने वाले किसान शंकर रामदेवी ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा, "मैं पांच क्विंटल कपास भी नहीं काट पाया और जो थोड़ा बहुत मिला, उससे भी एमएसपी नहीं मिला."
हरीश राव ने कहा कि कपास का MSP 7,500 रुपये होना चाहिए, फिर भी बिचौलियों के शोषण के कारण किसानों को 6,500 रुपये में बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है. बिचौलिए कम कीमत पर कपास खरीदकर सीसीआई केंद्रों को ऊंची कीमत पर बेच रहे हैं और अंतर की राशि अपने पास रख रहे हैं. बीआएएस नेता ने कहा कि कांग्रेस सरकार की अनदेखी सिर्फ कपास किसानों तक सीमित नहीं है. पिछले साल 23,000 रुपये प्रति क्विंटल कमाने वाले मिर्च किसान अब 13,000 रुपये से भी कम पर उपज बेचने को मजबूर हैं.
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उन्होंने ताजा हालातों की तुलना पिछली बीआरएस सरकार से करते हुए कहा कि 2021 में के. चंद्रशेखर राव गारू के मुख्यमंत्री के कार्यकाल के दौरान कपास 11,000 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से खरीदा गया था. कांग्रेस सरकार में यह कीमत आधी क्यों हो गई है? यह बिचौलियों के अनियंत्रित शोषण के कारण हो रहा है. हरीश राव ने खम्मम कपास बाजार में भारतीय कपास निगम (CCI) खरीद केंद्र बनाने समर्थन मूल्य 7,520 रुपये प्रति क्विंटल और किसानों को वादा के मुताबिक 500 रुपये का बोनस देने समेत मांगें रखी.
हरीश राव ने कपास और धान खरीद को लेकर एक तत्काल समीक्षा बैठक बुलाने की मांग की है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शराब की बिक्री की समीक्षा में व्यस्त हैं, वे महत्वपूर्ण खेती से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देने में विफल रहे हैं. गुरुवार को उनके दौरे के दौरान उनके साथ पूर्व मंत्री गंगुला कमलाकर और पुव्वाडा अजय, सांसद वड्डीराजू रविचंद्र, एमएलसी टाटा मधु, पूर्व विधायक वेंकट वीरैया, पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष कमल राज, पूर्व अध्यक्ष एरोला श्रीनिवास और कई जिला नेता और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद थे.