भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अपना ताजा बुलेटिन जारी किया है, जिसमें फरवरी के आखिरी हफ्ते के लिए मौसम में बदलाव की भविष्यवाणी की है. मौसम विभाग ने पूर्वानुमान में कहा है कि उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक ऊपर बना रह सकता है, जिससे गर्मी का असर बढ़ेगा. वहीं, पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में दो कमजोर पश्चिमी विक्षोभों के कारण हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है. मौसम विभाग के मुताबिक, 26 फरवरी को पंजाब और हिमाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में सुबह के समय घना कोहरा छाने की संभावना है. इससे विजिबिलिटी 50 से 200 मीटर तक रह सकती है, जिसका असर सड़क और रेल यातायात पर पड़ सकता है.
कर्नाटक के मलाली गांव के किसान चंद्रप्पा हडिमानी ने अपने 30,000 वर्ग फीट के खेत में 42 अलग-अलग किस्मों का गेहूं उगाया है, ताकि यह देखा जा सके कि कौन-सी किस्म स्थानीय मिट्टी और मौसम में सबसे अच्छी होती है. इसमें कुछ दुर्लभ किस्में भी शामिल हैं, जैसे पैगामबारी, जो प्राचीन सिंधु घाटी में उगाई जाती थी. हडिमानी ने सभी बीज सहज समृद्धि किसान नेटवर्क से लिए. यह दूसरा साल है जब उन्होंने इतनी सारी किस्में उगाई हैं, पिछले साल की पैदावार संतोषजनक नहीं थी. ये सभी किस्में रबी फसल के रूप में उगाई गई हैं, जिन्हें ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती. खेत को अलग-अलग हिस्सों में बांटकर नंबर लगाए गए ताकि हर किस्म की वृद्धि और पैदावार का अध्ययन किया जा सके. कुछ किस्में खास गुणों वाली हैं, जैसे काला गेहूं कैंसर विरोधी गुणों वाला माना जाता है. अन्य किस्मों का ऐतिहासिक महत्व भी है, जैसे अमृत गेहूं और पैगामबारी. वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक कुमार लामानी ने हडिमानी के प्रयास की सराहना की और कहा कि सूखी जमीन में उगने वाली किस्में मानव और पशुओं दोनों के लिए उपयुक्त हैं. इस प्रयोग का उद्देश्य स्थानीय खेती के लिए सबसे अच्छी किस्मों को पहचानना है, ताकि भविष्य में किसान बेहतर पैदावार और पोषणयुक्त फसल उगा सकें. हडिमानी की यह फसल कुछ ही हफ्तों में कटाई के लिए तैयार हो जाएगी.
चीनी उद्योग का केंद्र, दशहरी आम के लिए प्रसिद्ध, गेहूं, धान, सरसों जैसी पारंपरिक फसलों के साथ मेंथा और खस जैसी नकदी फसलों की खेती के लिए पहचान रखने वाले जनपद सीतापुर में ‘किसान तक’ का किसान कारवां अपने 31वें पड़ाव के रूप में विकासखंड बिसवां के लालपुर गांव पहुंचा. इस जिले की अर्थव्यवस्था का सबसे बड़ा आधार आज भी कृषि और पशुपालन से जुड़े उद्योग ही हैं.उत्तर प्रदेश सरकार और इंडिया टुडे ग्रुप की संयुक्त पहल के तहत प्रदेश के 75 जिलों में चल रही इस विशेष कवरेज के दौरान लालपुर गांव में सुबह से ही किसानों के आने का क्रम जारी है. वहीं, इस अवसर पर कृषि विभाग, पशुपालन विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों, स्वयं सहायता समूहों और प्रगतिशील किसानों ने सक्रिय भागीदारी निभाएंगे और किसानों को सरकार की योजनाओं के साथ आधुनिक खेती के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे.
भटसावंगी के किसान प्रकाश पवार अपने खेत में गेहूं की फसल उगाने की पूरी कोशिश कर रहे थे. उनके पास 6 एकड़ जमीन है और उन्होंने वहां गेहूं की फसल लगाई थी. खेत की जुताई, बोवाई और मजदूरों की दिहाड़ी में मिलाकर उन्होंने हर एकड़ पर लगभग 20 से 25 हजार रुपये खर्च किए. इस साल फसल भी अच्छी आई थी. लेकिन, कुछ ही दिनों में फसल कटाई के लिए तैयार थी. तभी कल रात आए तूफान और जोरदार बारिश ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया. लगभग 90% फसल तबाह हो गई. किसान प्रकाश पवार का परिवार पूरी तरह से खेती पर निर्भर है. उन्होंने जो भी मेहनत और पैसे खर्च किए थे, वह सब उनके सामने बर्बाद हो गया. प्रकाश पवार बताते हैं कि उनके लिए खरीफ और रबी के दो ही सीजन बहुत महत्वपूर्ण हैं. पहले खरीफ का मौसम बाढ़ और बारिश से खराब हो गया, अब उम्मीद थी कि रबी में फसल अच्छी होगी, लेकिन मौसम ने फिर निराश कर दिया. उनके लिए यह साल बहुत कठिन और दुखद साबित हुआ है.
आज सवाई माधोपुर में यूथ कॉंग्रेस और NSUI के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट के सामने प्रदर्शन किया. यह प्रदर्शन दिल्ली में AI समिट के दौरान यूथ कॉंग्रेस के कार्यकर्ताओं और राष्ट्रीय अध्यक्ष की गिरफ्तारी के खिलाफ था. इस दौरान केंद्र सरकार के विरोध में नारेबाजी की गई और कुछ समय के लिए पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी हुई.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उन्होंने कल येरुशलम में प्रधानमंत्री नेतन्याहू के साथ एक प्रदर्शनी देखी. इसमें टेक्नोलॉजी, AI, क्वांटम, हेल्थकेयर, साइबर सिक्योरिटी, पानी और खेती जैसे क्षेत्र में इज़राइली युवाओं के काम को दिखाया गया. उन्होंने इज़राइली कंपनियों से भारत में निवेश करने और हमारे युवा टैलेंट के साथ काम करने की अपील की.
पुंछ के कृषि विभाग ने पुंछ सेक्टर के किसानों को मुफ्त पेकान नट के पौधे बांटे. किसानों ने विभाग से ये पौधे लेने में हिस्सा लिया और खुशी जताई. आपको बता दें पेकान नट का पौधा (Carya illinoinensis) हिकॉरी परिवार का एक बड़ा पेड़ है. यह मुख्य रूप से उत्तरी अमेरिका में पाया जाता है. यह पतझड़ी पेड़ है और अपने स्वादिष्ट, मक्खन जैसा पेकान मेवे के लिए जाना जाता है. यह पेड़ 100 फीट से भी ऊँचा हो सकता है और अच्छे से बढ़ने के लिए लंबा और गर्म गर्मी का मौसम चाहिए.
हिमाचल प्रदेश के पालमपुर के बनूरी में राज्य की पहली आईवीएफ (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) लैब बनाई गई है. इस लैब ने एक बड़ी सफलता हासिल की है. यहां वैज्ञानिकों की मदद से एक गाय ने आईवीएफ तकनीक से तीन बछड़ों को जन्म दिया है.
राजस्थान के बाड़मेर जिले के काउखेड़ा गांव में एक हैरान कर देने वाली घटना हुई. यहां केयर्न-वेदांता की ऐश्वर्या वेलपैड ऑयल फील्ड के पास एक किसान के खेत की जमीन अचानक फट गई. जमीन के अंदर से काला गाढ़ा तरल पदार्थ निकलने लगा, जिसे क्रूड ऑयल यानी कच्चा तेल कहा जाता है. यह तेल पिछले करीब 40 घंटों से लगातार बाहर आ रहा है. गांव में यह खबर फैलते ही लोगों में डर और चिंता का माहौल बन गया. किसान और ग्रामीण समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर यह तेल खेत तक कैसे पहुंच गया.
पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: Link
उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों के खिलाफ गन्ना आयुक्त ने सख्त रुख अपनाया है. लगातार मिल रही शिकायत के बाद अब किसानों की लिखित सहमति के बिना गन्ने की प्रजाति को बदलकर (डिग्रेड कर) तौल नहीं की जाएगी. किसानों की समस्याओं के समाधान के लिये एक टोल फ्री नंबर भी जारी किया गया है. प्रदेश के गन्ना और चीनी मिल उद्योग की कमिश्नर मिनिस्ती एस ने बताया कि कुछ चीनी मिलों द्वारा गन्ना किसानों को निर्गत गन्ना आपूर्ति पर्ची पर दर्ज प्रजाति को डिग्रेड कर गन्ना खरीद करने की जानकारी सामने आई है.
पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: Link
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अपना ताजा बुलेटिन जारी किया है, जिसमें फरवरी के आखिरी हफ्ते के लिए मौसम में बदलाव की भविष्यवाणी की है. मौसम विभाग ने पूर्वानुमान में कहा है कि उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक ऊपर बना रह सकता है, जिससे गर्मी का असर बढ़ेगा. वहीं, पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में दो कमजोर पश्चिमी विक्षोभों के कारण हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है. मौसम विभाग के मुताबिक, 26 फरवरी को पंजाब और हिमाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में सुबह के समय घना कोहरा छाने की संभावना है. इससे विजिबिलिटी 50 से 200 मीटर तक रह सकती है, जिसका असर सड़क और रेल यातायात पर पड़ सकता है.
पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: Link