
77वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से तिरंगा फहराया और इसके साथ ही देश को संबोधित किया. इस मौके पर नरेंद्र मोदी ने बीजेपी सरकार की अब तक की उपलब्धियां गिनाईं और देश को मजबूत बनाने की बात कही. आजादी के इस जश्न में करीब 1800 लोगों को आमंत्रित किया गया था, जिसमें देश के किसानों ने भी हिस्सा लिया था. देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री से कृषि क्षेत्र को और मजबूती से आगे बढ़ाने को कहा गया. साथ ही कहा कि यह हमारे किसानों का ही प्रयास है कि हमारा देश कृषि के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है. देश की प्रगति में सबसे बड़ा हाथ देश के किसानों का है.
वहीं पीएम मोदी ने यह भी कहा कि गरीब किसानों को सस्ता यूरिया मिले इसके लिए देश की सरकार 10 लाख करोड़ रुपये सब्सििडी में दे रही है.
हाल ही में प्रगति मैदान में भारतीय राष्ट्रीय सहकारी संघ (एनसीयूआई) की ओर से आयोजित भारतीय सहकारी कांग्रेस को संबोधित कर रहे थे. इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे. इस मौके पर प्रधानमंत्री ने किसानों के लिए कई बार गारंटी शब्द का इस्तेमाल किया. उन्होंने कहा कि दुनिया में निरंतर महंगी होती खादों और केमिकल का बोझ किसानों पर न पड़े, इसकी भी गारंटी केंद्र की भाजपा सरकार ने आपको दी है. कुल मिलाकर अगर देखें तो सिर्फ फर्टिलाइजर सब्सिडी पर भाजपा सरकार ने 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं.
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सहकारी सम्मेलन को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि गन्ना किसानों के लिए उचित और लाभकारी मूल्य (एफआरपी) अब रिकॉर्ड 315 रुपये प्रति क्विंटल तक बढ़ा दिया गया है. किसान हितैषी दृष्टिकोण को जारी रखते हुए कुछ दिन पहले एक और बड़ा फैसला लिया गया है. केंद्र सरकार ने किसानों के लिए 3 लाख 70 हजार करोड़ रुपये के पैकेज का ऐलान किया है. जिसके तहत अगले तीन साल तक यूरिया की कीमत बढ़ने नहीं दी जाएगी. पीएम प्रणाम योजना को मंजूरी मिल गई है. ताकि रसायन मुक्त खेती को बढ़ावा मिले. प्राकृतिक खेती सरकार की प्राथमिकता है. किसान रसायन मुक्त खेती अपनाएं.
आपको यह भी जानना चाहिए कि यूरिया की कीमत कितनी है? फिलहाल एक बोरी में 45 किलो यूरिया आता है. जिसकी वास्तविक कीमत करीब 2200 रुपये है. लेकिन इस पैकेज के चलते अगले तीन साल तक यह आपको सिर्फ 267 रुपये में उपलब्ध होगा. केंद्र सरकार का दावा है कि इतनी ही मात्रा में यूरिया की कीमत चीन में 2100 रुपये और अमेरिका में 3000 रुपये है. यानी अगर भारत का किसान एक बोरी यूरिया खरीदता है तो उसे 1933 रुपये की छूट मिलती है. केंद्र सरकार प्रति किसान 21,233 रुपये की सब्सिडी दे रही है, जिसमें से अधिकांश यूरिया है.