
देश की राजधानी दिल्ली में फिर एक बार किसानों का जमावड़ा लगने वाला है. दरअसल, हरियाणा के सोनीपत जिले के किसान रेस्ट हाउस में आज संयुक्त किसान मोर्चा की मासिक बैठक हुई. बैठक में 19 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली किसान महापंचायत को सफल बनाने के लिए रणनीति तैयार की गई. संयुक्त किसान मोर्चा ने न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP पर कानून समेत 8 सूत्रीय मांगों को लेकर देशभर के किसानों से दिल्ली पहुंचने की अपील की है.
संयुक्त किसान मोर्चा की इस बैठक में किसानों ने 19 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली किसान महापंचायत को लेकर विस्तार से चर्चा की. किसानों का कहना है कि 8 सूत्रीय मांगों को लेकर यह महापंचायत आयोजित की जाएगी, जिसमें देशभर से बड़ी संख्या में किसान शामिल होंगे. किसानों की प्रमुख मांग है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी पर फसलों की खरीद की गारंटी का कानून बनाया जाए और अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील से खेती, डेयरी और पोल्ट्री सेक्टर को बाहर रखा जाए. किसानों ने बताया कि उनकी मांगों के समर्थन में सैकड़ों गांवों में प्रस्ताव पारित करवाए गए हैं, जिनकी कॉपियां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपी जाएंगी.
बैठक के दौरान किसानों ने खाड़ी देशों में बढ़ते टकराव को लेकर भी चिंता जताई. उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल और गैस के दाम बढ़ने के साथ-साथ किल्लत भी देखने को मिल रही है. किसानों ने आरोप लगाया कि सरकारी ढिलाई के कारण आम जनता को गैस की कमी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे कई जगह कालाबाजारी भी बढ़ रही है. वहीं, किसान नेता अभिमन्यु कुहाड़ ने गायक बादशाह के टटीरी गाने पर भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बादशाह को इस गाने के लिए बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए.
राज्यसभा चुनाव पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि किसान मुद्दों की लड़ाई लड़ रहे हैं और राज्यसभा में कांग्रेस या बीजेपी का कोई भी सांसद जाए, इससे किसानों के मुद्दों का हल नहीं होगा. साथ ही कांग्रेस विधायकों को शिमला भेजे जाने पर भी उन्होंने कहा कि अगर विधायकों को इस तरह छुपाना पड़ रहा है, तो यह राजनीतिक नैतिकता का अभाव दर्शाता है.