उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में मौसम बदल गया है, और गरज-चमक के साथ बारिश हो रही है. मौसम विभाग के अनुसार, नोएडा, गाजियाबाद, हापुड़, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, संभल, बदायूं, बिजनौर, बागपत, मेरठ, बुलंदशहर, आगरा, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, कासगंज, फिरोजाबाद, इटावा, मैनपुरी, औरैया, जालौन, महोबा, हमीरपुर और झांसी और आसपास के इलाकों में अगले दो दिनों तक तेज़ हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. इस बीच, पूर्वी उत्तर प्रदेश में शीतलहर चलने की संभावना है, जिससे ठंड बढ़ेगी और कोहरा छाएगा. इस खराब मौसम के दौरान कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी संभावना है.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश केंद्रीय बजट को भाजपा ने विकसित भारत 2047 की दिशा में एक मजबूत कदम बताया. प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल ने कहा कि यह बजट किसान, बागवान, युवा और महिलाओं के कल्याण के साथ रोजगार सृजन, एमएसएमई, निर्यात, खादी और फार्मा उद्योग को प्राथमिकता देता है. हिमाचल में फार्मा उत्पादकता, पर्यटन और ट्रेकिंग के विकास को भी बजट में जगह मिली है. नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने भी बजट की सराहना की और कहा कि इन्फ्रास्ट्रक्चर, बायोफार्मा, सेमीकंडक्टर, टैक्स लाभ, जल जीवन मिशन और मनरेगा जैसी योजनाओं से हिमाचल को बड़ा आर्थिक और सामाजिक लाभ होगा. बजट राज्यों के लिए टैक्स शेयर में बढ़ोतरी और आपदा प्रबंधन के लिए अतिरिक्त राशि भी उपलब्ध कराता है. सारांश में, बजट हिमाचल के विकास, रोजगार, उद्योग और पर्यटन के लिए उपयोगी कदम माना जा रहा है.
हिमाचल प्रदेश में मौसम एक बार फिर खराब होने की उम्मीद है. तीन महीने के सूखे के बाद, जनवरी में मौसम से काफी राहत मिली थी. मौसम विज्ञान केंद्र शिमला द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य के ऊंचे इलाकों में हल्की बर्फबारी और निचले इलाकों में हल्की बारिश होने की उम्मीद है. हालांकि राजधानी शिमला में सुबह से मौसम साफ रहा है, लेकिन शाम तक इसके खराब होने की संभावना है. शिमला मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा ने बताया कि चंबा, लाहौल-स्पीति, किन्नौर, कांगड़ा और शिमला के ऊंचे इलाकों में हल्की बर्फबारी होने की उम्मीद है. 1 फरवरी से राज्य के ज़्यादातर हिस्सों में बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है. उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश के 11 जिलों में जनवरी में सामान्य से 29 प्रतिशत ज़्यादा बारिश हुई, जबकि किन्नौर जिले में सामान्य से 47 प्रतिशत कम बारिश हुई. हालांकि हाल ही में हुई बर्फबारी से किसानों और बाग मालिकों को राहत मिली है, लेकिन इससे मुश्किलें भी बढ़ गई हैं. बर्फबारी के बाद हिमाचल प्रदेश में स्थिति अभी तक सामान्य नहीं हुई है. राज्य में 3 नेशनल हाईवे समेत 482 सड़कें अभी भी ट्रैफिक के लिए बंद हैं. सबसे ज़्यादा सड़कें लाहौल में बंद हैं. लाहौल-स्पीति में 2 नेशनल हाईवे और 273 सड़कें बंद हैं. 436 पावर ट्रांसफार्मर भी खराब हैं, और 62 पानी की सप्लाई की परियोजनाएं काम नहीं कर रही हैं.
पहाड़ी इलाकों में एक बार फिर मौसम ने करवट ली है. गंगोत्री और यमुनोत्री धाम सहित उच्च हिमालयी क्षेत्रों में जमकर बर्फ़बारी हुई है. इसके साथ ही यमुना जी के शीतकालीन प्रवास खरसाली और गंगा जी के शीतकालीन प्रवास मुखवा में भी बर्फ़बारी दर्ज की गई है. मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फ़बारी का यह दौर शुरू हुआ. लंबे समय से प्रतीक्षित इस बर्फ़बारी से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है. स्थानीय किसानों का कहना है कि यह बर्फ़बारी उनकी नकदी फसलों के लिए संजीवनी साबित होगी. पहाड़ी क्षेत्रों में सेब के बागान, आलू, राजमा और रामदाना जैसी प्रमुख फसलें होती हैं, जिनके लिए बर्फ़बारी बेहद जरूरी मानी जाती है. अब किसानों को बेहतर उत्पादन की उम्मीद जगी है. वहीं पर्यटन से जुड़े व्यवसायियों के लिए भी यह बर्फ़बारी किसी वरदान से कम नहीं है. ताज़ा बर्फ़बारी के बाद पर्यटकों ने एक बार फिर पहाड़ी इलाकों का रुख करना शुरू कर दिया है, जिससे पर्यटन गतिविधियों में तेजी आने की संभावना बढ़ गई है.
केंद्रीय बजट पेश होने के बाद राजनीति में हलचल तेज हो गई है. शिक्षा और पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने इसे गरीब, महिला, किसान और युवा सभी के लिए लाभकारी बताया. उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए गर्ल्स हॉस्टल, आयुर्वेदिक एम्स, ‘श्री मार्ट’ और ‘लखपति दीदी’ जैसी योजनाएं शामिल हैं. खेलो इंडिया मिशन से खेल और कौशल विकास को बढ़ावा मिलेगा. भाजपा नेताओं ने कहा कि बजट में एमएसएमई, सेमीकंडक्टर, बायोफार्मा, हाई-स्पीड रेल और हस्तशिल्प को बढ़ावा दिया गया है. शिक्षा विशेषज्ञों ने इसे शिक्षा क्षेत्र में दूरदर्शी कदम बताया और 1.39 लाख करोड़ रुपए के आवंटन की तारीफ की. वहीं कांग्रेस ने बजट पर हमला बोला और कहा कि यह जनता की असली समस्याओं से दूर है. पेट्रोल-डीजल, रोजगार, महंगाई और किसानों की आय बढ़ाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं हैं.
आज सुबह दिल्ली के कुछ इलाकों में घना कोहरा छाया रहा। यह वीडियो मदर टेरेसा क्रिसेंट मार्ग का है, जहां सुबह के समय दृश्यता काफी कम देखने को मिली। हालांकि, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार इस क्षेत्र में आज हल्का कोहरा दर्ज किया गया है। वहीं केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक, इलाके में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 118 रिकॉर्ड किया गया, जो ‘मॉडरेट’ श्रेणी में आता है.
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हाड़ौती अंचल में मौसम ने अचानक करवट ले ली. रविवार को कोटा शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में रुक-रुककर बारिश हुई. दोपहर बाद कोटा-झालावाड़ हाईवे पर स्थित गोपालपुरा और उमेदपुरा गांव में करीब 20 मिनट तक तेज ओलावृष्टि हुई, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई. तेज ओलों के साथ हुई बारिश से खेतों में खड़ी गेहूं और धनिया की फसलें जमीन पर गिर गईं. कई किसानों का कहना है कि फसलों को भारी नुकसान हुआ है. दीगोद, किशोरपुरा और डूंगरज्या क्षेत्रों में मावठ दर्ज की गई, जिससे मौसम में ठंडक और नमी बढ़ गई, लेकिन ओलावृष्टि ने लाभ की जगह नुकसान की आशंका पैदा कर दी.
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राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में घना कोहरा छाया हुआ है. कोहरे के कारण विजिबिलिटी कम हुई. यातायात में हो रही परेशानी.
देश के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों और पहाड़ी इलाकों में मौसम अगले कुछ दिनों में बदलने वाला है. मौसम विभाग के अनुसार, 1 फरवरी से 3 फरवरी के बीच दो पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) एक के बाद एक असर डालेंगे. इसके चलते जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है. इसके अलावा पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में भी हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ तेज हवा चलने की आशंका है. 5 से 7 फरवरी के बीच तीसरा पश्चिमी विक्षोभ फिर से हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करेगा.
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