Farmer Suicide: कर्ज के बोझ ने ली किसान की जान, कुएं में कूदकर की आत्महत्या

Farmer Suicide: कर्ज के बोझ ने ली किसान की जान, कुएं में कूदकर की आत्महत्या

झांसी जिले में कर्ज, गरीबी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बोझ तले दबे किसान ने आत्महत्या कर ली. किसान उदयभान ने यह कदम आर्थिक तंगी और भारी कर्ज के दबाव में उठाया है.

किसान ने की आत्महत्याकिसान ने की आत्महत्या
क‍िसान तक
  • Jhansi,
  • Jan 31, 2026,
  • Updated Jan 31, 2026, 8:42 AM IST

उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में कर्ज, गरीबी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बोझ तले दबे एक अधेड़ किसान ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. यह हृदय विदारक घटना समथर थाना क्षेत्र के खूजा गांव की है, जहां 45 वर्षीय किसान उदयभान अहिरवार ने गुरुवार सुबह गांव के पास स्थित कुएं में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली. इस घटना ने पूरे गांव को शोक और सन्नाटे में डुबो दिया है. जानकारी के अनुसार, गुरुवार की सुबह महिलाएं जब दैनिक क्रिया के लिए बाहर गईं, तो उन्होंने कुएं में किसी के गिरने की आशंका जताई.

कुएं में कूदकर किसान ने की आत्महत्या

सूचना मिलते ही परिजनों में हड़कंप मच गया और तत्काल डायल-112 और समथर पुलिस को जानकारी दी गई. मौके पर फायर ब्रिगेड, थाना प्रभारी और पुलिस बल पहुंचा, लेकिन कुएं में पानी अधिक और गहराई ज्यादा होने के कारण शव निकालने में कठिनाई आई. ग्रामीणों की मदद से कुएं का पानी बाहर निकाला गया. करीब 10 घंटे की मशक्कत के बाद जब उदयभान को बाहर निकाला गया, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी. शव निकलते ही परिजनों में कोहराम मच गया.

आर्थिक तंगी और भारी कर्ज है मौत की वजह

मृतक के भाई रामप्रसाद ने बताया कि उदयभान ने यह कदम आर्थिक तंगी और भारी कर्ज के दबाव में उठाया है. कुछ समय पहले उनके पिता का निधन हो गया था, जिनके इलाज में काफी खर्च हुआ. इसके बाद 28 तारीख को पिता की तेरहवीं किया गया, जिसके लिए भी कर्ज लेना पड़ा. बैंक, स्वयं सहायता समूह और साहूकारों से लिया गया कर्ज 6–7 लाख रुपये तक पहुंच गया था. इसी मानसिक तनाव में उदयभान पूरी तरह टूट गए और 29 तारीख की सुबह बिना किसी को बताए घर से निकलकर कुएं में कूद गए.

पिता के तेरहवीं के बाद किसान ने दी जान

गांव के ही निवासी रामशंकर उदैनिया ने बताया कि उदयभान एक गरीब किसान थे. उनके पास थोड़ी-बहुत जमीन थी, लेकिन फसल खराब होने के कारण कमाई का कोई स्थायी साधन नहीं था. पिता के इलाज, अंतिम संस्कार और पारिवारिक जरूरतों ने उन्हें कर्ज के दलदल में धकेल दिया. रिश्तेदार तेरहवीं में शामिल तो हुए, लेकिन आर्थिक मदद न मिलने से उदयभान खुद को असहाय महसूस करने लगे. बढ़ता कर्ज और भविष्य की चिंता उनके लिए असहनीय हो गई.

पुसिल कर रही सभी पहलुओं की जांच

उदयभान अपने पीछे एक बेटा और दो बेटियां छोड़ गए हैं. बड़ी बेटी शादी योग्य उम्र की है, लेकिन पिता की मौत और भारी कर्ज के बाद परिवार के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि बेटी की शादी कैसे होगी और घर कैसे चलेगा. गांव में हर कोई इस परिवार की बदहाली देखकर स्तब्ध है. वहीं, समथर थानाध्यक्ष ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. (अजय झा की रिपोर्ट)

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