
देश के कई राज्यों में अचानक हुई तेज बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. पंजाब के अमृतसर और दिल्ली के नरेला स्थित अनाज मंडियों में भी भारी बारिश के कारण खुले में रखा अनाज भीग गया, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है. किसानों का कहना है कि मंडियों में अनाज को बारिश से बचाने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं. ऐसे में उनकी उपज खराब होने का खतरा बढ़ गया है. अब किसानों को चिंता सता रही है कि उन्हें अपनी फसल का उचित दाम मिल पाएगा या नहीं.
पंजाब के अमृतसर स्थित भगतनवाला अनाज मंडी में गुरुवार को हुई बारिश से खुले में रखे अनाज के बोरे भीग गए. किसान कंवलजीत सिंह ने बताया कि जैसे ही वे अपनी उपज लेकर मंडी पहुंचे, बारिश शुरू हो गई और देखते ही देखते अनाज के सभी बोरे गीले हो गए. किसान ने कहा कि बारिश से उनकी फसल को काफी नुकसान हुआ है. उन्होंने सरकार से मुआवजा देने की मांग की है. किसानों को डर है कि अनाज खराब होने के कारण उन्हें अपनी उपज का उचित दाम नहीं मिल पाएगा.
बारिश से हुए नुकसान को लेकर शिरोमणि अकाली दल के नेता और पंजाब के पूर्व मंत्री बिक्रमजीत सिंह मजीठिया ने राज्य की आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि इस साल बुआई जल्दी होने के कारण फसल भी समय से पहले मंडियों में पहुंच गई, लेकिन खरीद और अनाज के उठान में देरी हो रही है. मजीठिया के मुताबिक, खरीद और उठान की व्यवस्था समय पर नहीं होने से किसानों को अपनी फसल कम कीमत पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है. अब बारिश ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि किसानों को पहले फसल खराब होने और बाढ़ से हुए नुकसान का मुआवजा भी नहीं मिला है.
दिल्ली के नरेला स्थित नई अनाज मंडी में भी बारिश ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी. यहां खुले में रखे अनाज के बोरे भीग गए. किसानों ने आरोप लगाया कि मंडी में अनाज को बारिश से बचाने के लिए पर्याप्त टिन शेड नहीं हैं. उत्तर प्रदेश के एटा जिले से अपनी उपज लेकर पहुंचे एक किसान ने बताया कि वह करीब 200 क्विंटल अनाज मंडी में लाए थे, लेकिन बारिश के कारण पूरी उपज भीग गई. किसान ने कहा कि मंडी में टिन शेड की व्यवस्था नहीं होने से उसे भारी नुकसान हुआ है.
जलेसर से आए एक अन्य किसान ने बताया कि सुबह से बारिश हो रही थी. मंडी में मौजूद टिन शेड पहले से भरे हुए थे और जो टेंट लगाए गए थे, वे पर्याप्त नहीं थे. ऐसे में कई किसानों का अनाज खुले में पड़ा रहा और बारिश में भीग गया.
मंडियों में अनाज भीगने से किसानों के सामने फसल की सुरक्षा और उचित कीमत मिलने का संकट खड़ा हो गया है. किसान चाहते हैं कि मंडियों में पर्याप्त शेड और तिरपाल की व्यवस्था की जाए, ताकि बारिश के दौरान उपज को नुकसान से बचाया जा सके. इसके साथ ही, प्रभावित किसानों को हुए नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग उठाई. (ANI)