करनाल मंडी में गेहूं खरीद शुरू, 2585 रुपये MSP तय, बायोमेट्रिक और ऐप से होगा सारा काम

करनाल मंडी में गेहूं खरीद शुरू, 2585 रुपये MSP तय, बायोमेट्रिक और ऐप से होगा सारा काम

हरियाणा के करनाल की अनाज मंडी में गेहूं खरीद शुरू हो गई है. इस बार MSP 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है. बायोमेट्रिक सत्यापन, इलेक्ट्रॉनिक कांटे और ऐप आधारित ऑक्शन जैसी नई व्यवस्थाएं लागू की गई हैं, जबकि किसानों को फसल सुखाकर लाने की सलाह दी गई है.

MP Wheat Purchase Women farmer contributionMP Wheat Purchase Women farmer contribution
कमलदीप
  • Karnal,
  • Apr 01, 2026,
  • Updated Apr 01, 2026, 7:23 PM IST

हरियाणा के Karnal की अनाज मंडी में आज (बुधवार) से गेहूं खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. पहले दिन दो किसान अपनी फसल लेकर मंडी पहुंचे. जिला प्रशासन ने खरीद व्यवस्था को लेकर पूरी तैयारी का दावा किया है और किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न होने का आश्वासन दिया है.

जिला उपायुक्त Uttam Singh ने मंडी का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया. उन्होंने बताया कि इस बार गेहूं खरीद प्रक्रिया में कई बदलाव किए गए हैं. किसानों के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य किया गया है, वहीं मंडी के एग्जिट गेट पर कैमरे भी लगाए गए हैं. इसके अलावा नीलामी (ऑक्शन) के लिए एक नया ऐप भी लॉन्च किया गया है.

आढ़तियों को निर्देश

प्रशासन ने मंडी में आने वाले सभी आढ़तियों को निर्देश दिए हैं कि वे हर प्रकार की कृषि उपज के लिए गेट पास सुनिश्चित करें. साथ ही, खरीद प्रक्रिया के दौरान केवल इलेक्ट्रॉनिक कांटों का ही उपयोग किया जाएगा.

किसानों से अपील की गई है कि वे अपनी फसल को अच्छी तरह सुखाकर ही मंडी में लाएं, क्योंकि नमी अधिक होने की स्थिति में खरीद में देरी हो सकती है. फिलहाल मंडी में पहुंचे किसानों की फसल में नमी होने के कारण खरीद में 1-2 दिन का समय लग सकता है.

सरकार ने इस बार गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, जो पिछले साल की तुलना में 160 रुपये अधिक है.

मंडी में व्यवस्था दुरुस्त

प्रशासन ने पहली बार मुनादी के जरिए किसानों को जागरुक करने की पहल भी शुरू की है, ताकि वे नियमों के अनुसार अपनी फसल लेकर आएं. अधिकारियों ने कहा कि मंडी में भीड़ और जाम की स्थिति से बचने के लिए पर्याप्त मशीनें और संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं.

उपायुक्त ने किसानों से यह भी कहा कि वे पंजीकृत नंबर के अनुसार ही अपनी फसल लेकर आएं. यदि कोई किसान खुद नहीं आ सकता, तो वह अधिकतम तीन लोगों को नामित कर सकता है जो उसकी फसल मंडी तक पहुंचा सकते हैं.

फिलहाल प्रशासन की तैयारियां पूरी हैं, लेकिन आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि बड़े स्तर पर गेहूं खरीद प्रक्रिया कितनी सुचारू रूप से संचालित हो पाती है.

हरियाणा सरकार ने पूरे प्रदेश में 1 अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू करने का आदेश दिया था जिसके बाद मंडियों में खरीद शुरू हो गई है. हालांकि करनाल मंडी में पहले दिन किसानों की आवक कम रही. मंडी प्रशासन ने बताया कि इस बार खरीद प्रक्रिया पूरी तरह से बदली हुई है और बायोमेट्रिक और ऐप का सहारा लिया जा रहा है. इससे खरीद में आसानी होगी.

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