
गुजरात के जामनगर स्थित हापा मार्केटिंग यार्ड में नई सीजन की मूंगफली की आवक बढ़ने लगी है. मंडी में अच्छी क्वालिटी वाली मूंगफली के किसानों को अच्छे दाम मिल रहे हैं. खासकर मूंगफली की नंबर-9 और नंबर-66 किस्मों की मांग बनी हुई है. इन किस्मों को खरीदने के लिए तमिलनाडु से भी व्यापारी जामनगर और सौराष्ट्र की मंडियों में पहुंच रहे हैं. अच्छे भाव मिलने से किसानों के चेहरे पर खुशी है और उन्हें उम्मीद है कि इस बार वे दीपावली का त्योहार बेहतर तरीके से मना सकेंगे.
हापा मार्केटिंग यार्ड के मूंगफली नीलामीकर्ता अशोक मनवर के मुताबिक, पिछले करीब 15 दिनों से नई मूंगफली की आवक हो रही है. मंडी में रोजाना लगभग 5,000 से 7,000 बोरियां पहुंच रही हैं और इतनी ही बोरियों की बिक्री भी रोज हो रही है. यानी किसानों का माल उसी दिन बिक जा रहा है. उन्होंने बताया कि पिछले सीजन के मुकाबले इस बार किसानों को करीब 500 रुपये तक ज्यादा भाव मिल रहे हैं. हालांकि, अलग-अलग किस्मों और क्वालिटी के हिसाब से कीमतों में अंतर है.
हापा मार्केटिंग यार्ड में मूंगफली की विभिन्न किस्मों के भाव इस प्रकार हैं:
- नंबर-9 मूंगफली: 1,500 रुपये से लेकर ऊंचे में 2,750 रुपये तक
- नंबर-66 मूंगफली: 1,400 रुपये से लेकर ऊंचे में 2,250 रुपये तक
- मोटी मूंगफली (G-20): ऊंचे में 1,630 रुपये तक
- बारीक मूंगफली: 1,100 रुपये से लेकर ऊंचे में 1,730 रुपये तक
वहीं, मंडी में अच्छी गुणवत्ता वाली मूंगफली के लिए 2,300 से 2,400 रुपये प्रति मन तक के भाव मिलने की बात भी सामने आई है. यहां ध्यान देने वाली बात है कि ये भाव क्वालिटी और किस्म के हिसाब से अलग-अलग हो सकते हैं.
जामजोधपुर तालुका के वनाणा गांव से मूंगफली बेचने आए किसान अनिल बेरा ने बताया कि इस बार किसानों को पिछले साल की तुलना में बेहतर भाव मिल रहे हैं. उनके मुताबिक, अभी मूंगफली का औसत भाव करीब 1,900 से 2,000 रुपये के आसपास मिल रहा है, जबकि पिछले साल यह लगभग 1,400 से 1,500 रुपये था. इससे किसानों को कुछ आर्थिक राहत मिली है. हालांकि, अनिल बेरा ने बताया कि इस बार कम बारिश के कारण मूंगफली की पैदावार घट गई है. उत्पादन कम होने के बावजूद अच्छे दाम मिलने से किसानों को नुकसान की कुछ भरपाई करने में मदद मिल रही है.
हापा मंडी में मूंगफली की बढ़ती आवक, अच्छी क्वालिटी वाले माल की मांग और व्यापारियों की खरीदारी से बाजार में गतिविधियां तेज हैं. तमिलनाडु के व्यापारियों की दिलचस्पी से भी कुछ किस्मों की मांग बनी हुई है. ऐसे में इस सीजन में जामनगर के किसानों को मूंगफली के बेहतर भाव मिलने से राहत मिली है. हालांकि, कम बारिश के कारण घटे उत्पादन की चुनौती अभी बनी हुई है. किसानों की कमाई इस बात पर भी निर्भर करेगी कि उनकी मूंगफली की क्वालिटी कैसी है और मंडी में आगे भाव किस स्तर पर बने रहते हैं. (दर्शन ठक्कर की रिपोर्ट)