किसान तक का इलेक्शन कारवां भरतपुर में है. ये बेल्ट सरसों के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है. राजस्थान देश में सबसे ज्यादा सरसों उगाने वाला राज्य भी है, लेकिन सरसों की फसल पर किसानों के साथ-साथ कुछ लोगों आजीविका भी टिकी हुई है. ये वर्ग है मधुमक्खी पालकों का. सरसों के फूल से परागण कर मधुमक्खी पालक शहद उगाते हैं और शहद व्यापारियों को बेचते हैं. लेकिन देश में जब से जीएम सरसों की चर्चा होने लगी है तब से मधुमक्खी पालक संशय में हैं. इनका मानना है कि अगर देश में जीएम सरसों की खेती होने लगेगी तो इनका काम खत्म हो जाएगा. क्योंकि जीएम यानी जेनिटिकली मोडिफाइड बीजों में मधुमक्खी परागरण नहीं करती. इससे देश में शहद का व्यापार खत्म हो जाएगा. किसान तक ने अपनी इलेक्शन यात्रा में भरतपुर में कुछ मधुमक्खी पालकों से बात की. देखिए ये वीडियो.