यूपी में 30 मई तक स्थापित हो जाएंगे ऑटोमेटिक 'Weather Station, कृषि मंत्री शाही ने दिए सख्त निर्देश

यूपी में 30 मई तक स्थापित हो जाएंगे ऑटोमेटिक 'Weather Station, कृषि मंत्री शाही ने दिए सख्त निर्देश

UP News: शाही ने बताया कि विण्ड्स पोर्टल के माध्यम से संकलित इस डाटा का उपयोग सरकार आपदा प्रबंधन, कृषि एडवाइजरी और अन्य जन-कल्याणकारी योजनाओं के लिए निःशुल्क करेगी. योजना के सफल संचालन के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेश सरकार द्वारा 60 करोड़ रुपये की धनराशि का प्राविधान किया गया है.

 automatic weather station will be established till may 30 agriculture minister shahi given instruction automatic weather station will be established till may 30 agriculture minister shahi given instruction
क‍िसान तक
  • LUCKNOW,
  • Apr 09, 2026,
  • Updated Apr 09, 2026, 9:22 AM IST

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत मौसम संबंधी सटीक आंकड़े प्राप्त करने के लिए 'वेदर इंफॉर्मेशन एंड नेटवर्क डाटा सिस्टम' (विंड्स) योजना को तेजी से प्रभावी बनाया जा रहा है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य मौसम संबंधी आंकड़ों को सीधे फसल बीमा पोर्टल से जोड़ना है, जिससे प्राकृतिक आपदा की स्थिति में किसानों को होने वाली क्षति का आकलन कर उन्हें त्वरित गति से क्षतिपूर्ति का भुगतान सुनिश्चित किया जा सके. राज्य में यह कार्यक्रम वर्ष 2024-25 से आगामी 5 वर्षों के लिए संचालित किया जा रहा है.

86 ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन होंगे स्थापित

इस संबंध में प्रदेश के कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही ने विभागीय अधिकारियों तथा स्काईमेट वेदर सर्विसेज कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की. बैठक के दौरान कृषि मंत्री शाही ने कंपनी को सख्त हिदायत दी कि वह पहले चरण के कार्य को प्रत्येक दशा में 30 मई, 2026 से पहले पूरा करना सुनिश्चित करें. इस चरण के दौरान 86 ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन (एडब्ल्यूएस) तथा 11846 ऑटोमेटिक रेन गेज (एआरजी) स्थापित किए जाने हैं. उन्होंने साफ किया कि किसानों के हित में इस परियोजना में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी.

गौतमबुद्ध नगर समेत इन जिलों में कार्य पूर्ण

योजना के अंतर्गत प्रदेश के विकास खंडों और ग्राम पंचायतों में आधुनिक मौसम उपकरणों की स्थापना की जा रही है. प्रदेश में कुल 826 ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन (एडब्ल्यूएस) ब्लॉक स्तर पर और 57,702 ऑटोमैटिक रेन गेज (एआरजी) ग्राम पंचायत स्तर पर स्थापित करने का लक्ष्य है. वर्तमान में क्लस्टर-1 के अंतर्गत आने वाले 39 जनपदों में स्काईमेट वेदर सर्विसेज द्वारा सर्वेक्षण का कार्य किया जा रहा है. जनपद गौतमबुद्ध नगर, लखनऊ, मेरठ और मिर्जापुर में 13 ऑटोमैटिक रेन गेज का कार्य पूरा किया जा चुका है.

60 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत

शाही ने बताया कि विण्ड्स पोर्टल के माध्यम से संकलित इस डाटा का उपयोग सरकार आपदा प्रबंधन, कृषि एडवाइजरी और अन्य जन-कल्याणकारी योजनाओं के लिए निःशुल्क करेगी. योजना के सफल संचालन के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेश सरकार द्वारा 60 करोड़ रुपये की धनराशि का प्राविधान किया गया है. उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा क्लस्टर-1 में कार्यरत कंपनी को अब तक राज्यांश के रूप में 9.77 करोड़ रुपये का अग्रिम भुगतान किया जा चुका है. 

इसके अतिरिक्त, भारत सरकार द्वारा अंश के रूप में प्राप्त 88.02 करोड़ रुपये की धनराशि भी 24 मार्च, 2026 को कंपनी को भुगतान की जा चुकी है. समीक्षा बैठक के दौरान कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख, सचिव कृषि इंद्र विक्रम सिंह, निदेशक कृषि डॉ. पंकज त्रिपाठी तथा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.

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