एक-दो हजार या चार-पांच लाख नहीं पूरे 11 लाख से ज्यादा किसान और साइंटिस्ट का कुनबा है पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU), (Punjab Agricultural University) लुधियाना(Ludhiana) कुनबा भी इतना पुराना कि 59 साल से दोनों एक-दूसरे के साथ जुड़े हुए हैं. साल में दो बार दोनों लोग एक-दूसरे से मिलते-जुलते हैं. चाय-पानी भी बीते हैं. खेती-किसानी की बातें भी होती हैं. पीएयू भी इस मौके पर किसानों को अच्छी मेजबानी का अहसास कराने में कोई कसर नहीं छोड़ता है. फसलों को लेकर किसानों से उनकी परेशानियां पूछी जाती हैं. कुछ और अच्छा करने के लिए किसानों से उनके सुझाव भी मांगे जाते हैं. मेहमानों की तरह से किसानों को पीएयू कैम्पस में लगी फसलें दिखाई जाती हैं. फार्म मशीनरी का प्रदर्शन किया जाता है. जगह-जगह स्टॉल पर बैठे साइंटिस्ट (scientist) किसानों से बातचीत करते हैं. और इतना ही नहीं, किसान और साइंटिस्ट के रिश्ते को निभाने के लिए जाते वक्त किसानों को सौगात के रूप में उन्नत बीज दिए जाते हैं.