देश के साथ-साथ विदेशों में भी बकरे के मीट की डिमांड बढ़ी है. एक्सपोर्ट के दौरान मीट में आने वाली केमिकल की परेशानियों को केन्द्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान (सीआईआरजी), मथुरा ने दूर करने के लिए काफी काम किया है. यह कहना है सीआईआरजी के डायरेक्टर मनीष कुमार चेटली का. उन्होंने बताया कि मीट कारोबार में मंदी आने की संभावनाएं अब ना के बराबर रह गई हैं. देश में सभी तरह के पशुओं का कुल मीट उत्पादन 37 मिलियन टन है. सबसे ज्यादा मीट उत्पादन महाराष्टा, यूपी, तेलंगाना, आंध्रा प्रदेश और पश्चिम बंगाल में होता है. देखिए किसान तक की ये वीडियो