आमतौर पर कृषि या किसान मेलों में खेती से जुड़ी बड़ी-बड़ी मशीनरी दिखाई जाती है. बीज की उन्नत किस्में आती हैं. खेती के नए-नए वैज्ञानिक तौर-तरीकों के बारे में बताया जाता है. लेकिन हाल ही में पंजाब एग्रीकलचर यूनिवर्सिटी, लुधियान की ओर से आयोजित किसान मेले में दो चीजें सबका ध्यान अपनी ओर खींच रहीं थी. एक था कैंसर जागरुकता और निदान का स्टॉल जो मेले में आने वालों को अपना किसान मित्र बना रहा था. हालांकि मेले में एक खतरनाक बीमारी का स्टाल होना सबको चौंका रहा था. लेकिन फिर भी लोगों का आना-जाना इस स्टॉल पर लगा हुआ था. वहीं इस स्टॉल से थोड़ा सा अलग हटकर खड़े 70 साल के मर्चेन्ट नेवी से रिटायर सेखों के गले में एक तख्ती डली हुई थी. सेखों कैंसर का कारक और नाला बनी एक नदी को बचाने की गुहार लगा रहे थे. लेकिन कोई भी उनकी बात सुनने तक को तैयार नहीं था.