किसानों से जुड़े निर्यात को बढ़ावा देने के लिए बनेगी ग्रीन चैनल कमेटी, शिपिंग सचिव ने दिए बड़े निर्देश

किसानों से जुड़े निर्यात को बढ़ावा देने के लिए बनेगी ग्रीन चैनल कमेटी, शिपिंग सचिव ने दिए बड़े निर्देश

नई दिल्ली में APEDA और निर्यातक संगठनों के साथ हुई बैठक में शिपिंग सचिव विजय कुमार ने खराब होने वाले कृषि उत्पादों के निर्यात को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए. ग्रीन चैनल बनाने की पहल के साथ शिपिंग लाइन्स और पोर्ट्स से जुड़े लंबित मुद्दों के समाधान पर भी जोर दिया गया.

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क‍िसान तक
  • New Delhi,
  • Aug 17, 2026,
  • Updated Aug 17, 2026, 7:06 PM IST

नई दिल्ली में एक्सपोर्टर्स और APEDA (एग्रीकल्चरल एंड प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट्स डेवलपमेंट अथॉरिटी) से जुड़े अलग-अलग संगठनों ने शिपिंग लाइन्स से जुड़ी समस्याओं के बारे में शिपिंग सेक्रेटरी विजय कुमार से मुलाकात की. इस बैठक में APEDA के चेयरमैन अभिषेक देव, कांडला, मुंद्रा, मुंबई, विशाखापत्तनम और तूतीकोरिन पोर्ट्स के चेयरमैन, DG शिपिंग और DGFT शामिल हुए. साथ ही, व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे, जिनमें AIREA के प्रेसिडेंट सतीश गोयल, डायरेक्टर आनंद, IREF के सेक्रेटरी अग्रवाल, हॉर्टिकल्चर प्रोड्यूस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन (HPEA) के VP विकास सिंह और TREACG के सेक्रेटरी शामिल थे.

सेक्रेटरी ने चावल एक्सपोर्टर्स की समस्याओं को समझा और सभी चावल संगठनों को निर्देश दिया कि वे मंगलवार को कांडला और विशाखापत्तनम के चेयरमैन से मिलकर चावल ले जाने वाले जहाजों के लिए स्पेशल बर्थिंग (जहाज खड़ा करने की जगह) की व्यवस्था करें. वहीं, HPEA के तहत आने वाले खराब होने वाले सामान (perishable goods) के एक्सपोर्टर्स ने बड़ी शिपिंग लाइन्स के गैर-पेशेवर व्यवहार, भारी पेनल्टी और हो रही परेशानियों की शिकायत की थी. 

शिपिंग सेक्रेटरी का बड़ा निर्देश

सेक्रेटरी ने DG शिपिंग को निर्देश दिया कि वे सभी पेंडिंग मुद्दों पर शिपिंग लाइन्स के साथ बैठक करें. साथ ही, लाइन्स और पोर्ट्स को खराब होने वाले सामान के एक्सपोर्टर्स को प्राथमिकता देनी चाहिए, क्योंकि यह सेक्टर सीधे तौर पर किसानों की आय में योगदान देता है. उन्होंने खराब होने वाले सामान के एक्सपोर्ट के लिए 'ग्रीन लेन चैनल' पर भी चर्चा की और APEDA के चेयरमैन ने एक 'ग्रीन चैनल कमेटी' बनाने की मंजूरी दी, जिसमें मुंबई और मुंद्रा पोर्ट के चीफ मैनेजर, APEDA के डायरेक्टर और HPEA के सदस्य शामिल होंगे.

एक्सपोर्टर्स को मिली बड़ी राहत

सेक्रेटरी के साथ यह बैठक कई मायनों में अहम मानी जा रही है क्योंकि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत के एक्सपोर्टर्स को कई परेशानियां झेलनी पड़ी हैं. हालात अभी पूरी तरह से सामान्य नहीं हैं और व्यापारियों को निर्यात में रुकावटें झेलनी पड़ रही हैं. अमेरिका और ईरान में हुई लड़ाई का नुकसान भारत के व्यापारियों को झेलना पड़ा है क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से शिपिंग का खर्च बेतहाशा बढ़ गया. इसके अलावा शिपिंग के इंश्योरेंस का खर्च भी बढ़ने की मार व्यापारियों को झेलनी पड़ी है. 

जहाजों में माल कई दिनों तक फंसे होने के कारण भारी आर्थिक नुकसान हुआ है. मीटिंग में इस बात पर जोर दिया गया कि जल्दी खराब होने वाले सामान के डिस्पैच को पहले प्राथमिकता दी जानी चाहिए. इससे उम्मीद जगी है कि फल और सब्जियों जैसी कमॉडिटी को बड़े नुकसान से बचाया जा सकेगा.

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