
गुजरात के सूरत शहर में मिलावटी डेयरी उत्पादों के खिलाफ की गई कार्रवाई में सामने आए पनीर मामले ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है. करीब एक महीने पहले जब्त किए गए 1,400 किलो पनीर की लैब जांच में इसे घटिया और मिलावटी पाए जाने के बाद पुलिस ने सप्लायर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है. यह पूरा मामला मार्च के पहले हफ्ते का है, जब सूरत के पांडेसरा इलाके की भीड़भंजन सोसायटी स्थित एक यूनिट पर छापा मारा गया था. इस कार्रवाई को सूरत स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप और फूड सेफ्टी विभाग ने मिलकर अंजाम दिया था.
छापे के दौरान करीब 1,400 किलो पनीर जब्त किया गया, जिसकी बाजार कीमत लगभग 3 लाख रुपये बताई गई. जब्त किए गए पनीर के सैंपल को जांच के लिए लैब भेजा गया था. रिपोर्ट आने पर यह स्पष्ट हुआ कि पनीर मानकों के अनुरूप नहीं था और इसमें मिलावट की गई थी. अधिकारियों के मुताबिक, यह उत्पाद उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो सकता था.
लैब रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने सप्लायर महेश शर्मा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNSS) की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है. इनमें खाद्य पदार्थों में मिलावट, हानिकारक खाद्य बिक्री और धोखाधड़ी से जुड़ी धाराएं शामिल हैं. पुलिस अब पूरे सप्लाई नेटवर्क की भी जांच कर रही है.
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी सप्लायर यह पनीर खुले रूप में करीब 220 रुपये प्रति किलो के हिसाब से छोटे डेयरी कारोबारियों को बेच रहा था. कम कीमत के कारण यह उत्पाद बाजार में आसानी से खप रहा था. कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से कई मशीनें, इंडस्ट्रियल ग्रेड एसिटिक एसिड और पाम ऑयल भी बरामद किया.
इन सभी की कुल कीमत करीब 28 लाख रुपये आंकी गई है. इनका इस्तेमाल पनीर बनाने में मिलावट के लिए किया जा रहा था. खाद्य सुरक्षा विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे केवल विश्वसनीय स्रोतों से ही डेयरी उत्पाद खरीदें और बेहद सस्ते दाम पर मिलने वाले पनीर या अन्य खाद्य पदार्थों से सावधान रहें. (पीटीआई)