बंगाल में लौटा Nipah Virus! मह‍िला और पुरुष नर्स की हालत नाजुक, अलर्ट पर राज्‍य

बंगाल में लौटा Nipah Virus! मह‍िला और पुरुष नर्स की हालत नाजुक, अलर्ट पर राज्‍य

पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है. बारासात के एक निजी अस्पताल में काम करने वाली दो नर्सों में निपाह संक्रमण की आशंका सामने आई है. दोनों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसके बाद केंद्र और राज्य ने संयुक्त कार्रवाई तेज कर दी है.

Nipah virus case found in BengalNipah virus case found in Bengal
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Jan 13, 2026,
  • Updated Jan 13, 2026, 12:35 PM IST

पश्चिम बंगाल में कई सालों के बाद एक बार फिर निपाह वायरस को लेकर चिंताजनक स्थिति‍ सामने आई है. उत्तर 24 परगना जिले के बारासात स्थित एक निजी अस्पताल में कार्यरत दो नर्सों में निपाह वायरस संक्रमण की आशंका जताई गई है. दोनों संदिग्ध मामलों की शुरुआती जांच एम्‍स कल्याणी की वायरस रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक लैब में की गई, जहां प्रारंभिक रिपोर्ट में निपाह संक्रमण की संभावना के संकेत मिले हैं. स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार, दोनों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है.

दोनों मरीज वेंटिलेटर सपोर्ट पर

राज्य स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि संक्रमित संदिग्धों में एक पुरुष और एक महिला नर्स शामिल हैं, जो एक ही निजी अस्पताल में कार्यरत हैं. दोनों को फिलहाल उसी अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है और वेंटिलेटर सपोर्ट पर इलाज चल रहा है. अधिकारियों ने कहा है कि संक्रमण की पुष्टि के लिए आगे की विस्तृत जांच प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है.

अपने-अपने गांव गए थे दोनों

जानकारी के मुताबिक, महिला नर्स हाल ही में अपने पैतृक गांव कटवा, पूर्व बर्धमान जिले से लौटी थीं. वहीं, तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें 31 दिसंबर को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया था. स्थिति गंभीर होने पर पहले उन्हें बर्दवान मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया और फिर विशेष एंबुलेंस से बारासात के निजी अस्पताल लाया गया. दूसरी ओर, पुरुष नर्स के यात्रा इतिहास में नदिया जिले के घुगरागाछी इलाके का जिक्र सामने आया है, जो भारत-बांग्लादेश सीमा के नजदीक स्थित है.

केंद्र और राज्‍य सरकार हुए एक्टिव

निपाह वायरस की गंभीरता को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकार ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया है. केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और स्वास्थ्य सचिव के साथ उच्च स्तरीय बैठक कर स्थिति की समीक्षा की. इसके बाद एक राष्ट्रीय संयुक्त आउटब्रेक रिस्पॉन्स टीम को राज्य में तैनात किया गया है, जो संक्रमण की रोकथाम और सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों में राज्य सरकार की मदद कर रही है.

इस संयुक्त टीम में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड पब्लिक हाइजीन कोलकाता, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी पुणे, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी चेन्नई, एम्‍स कल्याणी और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के वन्यजीव विभाग के विशेषज्ञ शामिल हैं. केंद्र सरकार ने निपाह वायरस को लेकर संक्रामक रोग अलर्ट के तहत दिशा निर्देश भी राज्य के इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम यूनिट के साथ साझा किए हैं.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने लिखा पत्र

इसके अलावा दिल्ली स्थित नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल में पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशंस सेंटर को सक्रिय कर दिया गया है, ताकि राष्ट्रीय स्तर पर समन्वय और निगरानी सुनिश्चित की जा सके. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया है. एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार तकनीकी, लॉजिस्टिक और ऑपरेशनल हर स्तर पर पश्चिम बंगाल सरकार के साथ खड़ी है.

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, राज्य को सख्त कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग, निगरानी बढ़ाने और संक्रमण नियंत्रण उपायों को पूरी गंभीरता से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं. निपाह वायरस एक जूनोटिक बीमारी है, जिसकी मृत्यु दर काफी अधिक मानी जाती है और यह तेजी से फैल सकती है. इसी कारण इसे अधिसूचित बीमारी की श्रेणी में रखा गया है, जिसमें हर संदिग्ध मामले की तत्काल सूचना केंद्र सरकार को देना अनिवार्य होता है. फिलहाल राज्य स्वास्थ्य प्रशासन अलर्ट मोड पर है. संदिग्धों के संपर्क में आए लोगों की पहचान और जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि किसी भी संभावित सामुदायिक संक्रमण को समय रहते रोका जा सके. (पीटीआई)

Frequently Asked Questions (FAQs)

1. निपाह वायरस क्या है और यह कितना खतरनाक माना जाता है?

निपाह वायरस एक जूनोटिक संक्रमण है, जिसमें मृत्यु दर अधिक होती है और यह इंसानों में तेजी से फैल सकता है.

2. निपाह वायरस कैसे फैलता है?

यह वायरस संक्रमित चमगादड़ों, दूषित फल या संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क से फैल सकता है.

3. निपाह वायरस के लक्षण क्या होते हैं?

तेज बुखार, सिरदर्द, उलझन, सांस लेने में दिक्कत और गंभीर मामलों में दिमागी सूजन इसके प्रमुख लक्षण हैं.

4. क्या निपाह वायरस की कोई वैक्सीन उपलब्ध है?

फिलहाल निपाह वायरस की कोई प्रमाणित वैक्सीन आम जनता के लिए उपलब्ध नहीं है.

5. निपाह वायरस का कोई पक्का इलाज है या नहीं?

निपाह के लिए कोई विशेष एंटीवायरल इलाज नहीं है, मरीजों का इलाज लक्षणों के आधार पर किया जाता है.

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