
स्ट्रॉबेरी का नाम सुनते ही खट्टे-मीठे स्वाद और चमकदार लाल रंग का ख्याल आता है. यह फल स्वाद के साथ-साथ विटामिन C, एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर से भरपूर होता है. त्वचा को ग्लो देने से लेकर इम्यूनिटी बढ़ाने तक इसके कई फायदे हैं. लेकिन हर चमकती चीज सोना नहीं होती और स्ट्रॉबेरी भी हर किसी के लिए फायदेमंद नहीं होती. कुछ लोगों के लिए यह फल नुकसानदायक साबित हो सकता है. आइए जानते हैं वे 5 लोग कौन हैं जिन्हें स्ट्रॉबेरी खाने से बचना चाहिए.
स्ट्रॉबेरी भले ही स्वादिष्ट और पौष्टिक हो, लेकिन हर किसी के लिए यह सुरक्षित नहीं है. जिन 5 लोगों के बारे में हम बताने जा रहे हैं, उन्हें स्ट्रॉबेरी खाने से पहले डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट से सलाह जरूर लेनी चाहिए. याद रखें, सेहत के लिए सही मात्रा और सही समय पर लिया गया भोजन ही अमृत होता है, बाकी हर चीज ज्यादा होने पर नुकसानदेह बन सकती है.
अगर आपको किसी भी तरह की फूड एलर्जी या स्किन एलर्जी है, तो स्ट्रॉबेरी आपके लिए समस्या खड़ी कर सकती है. इसमें मौजूद सैलिसिलेट्स (Salicylates) नामक कंपाउंड या यौगिक कुछ लोगों में खुजली, सूजन, रैशेज या गले में जलन जैसे रिएक्शंस पैदा कर सकता है. जिन लोगों को पहले से ही कुछ फलों से एलर्जी है, उन्हें स्ट्रॉबेरी खाने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.
स्ट्रॉबेरी में ऑक्सलेट (Oxalate) की मात्रा ज्यादा होती है. ऐसे में जिन लोगों को किडनी स्टोन या लिवर से जुड़ी समस्या है, उनके लिए इसका सेवन खतरा बढ़ा सकता है. ऑक्सलेट शरीर में जमा होकर पथरी बनने का कारण बन सकता है. इसलिए जिन मरीजों को पहले से गुर्दे की बीमारी है, उन्हें स्ट्रॉबेरी सीमित मात्रा में या बिल्कुल नहीं खानी चाहिए.
स्ट्रॉबेरी में प्राकृतिक शुगर मौजूद होती है. भले ही इसकी मात्रा कम हो, लेकिन अगर डायबिटीज के मरीज इसे ज्यादा मात्रा में खाते हैं तो यह ब्लड शुगर लेवल को बढ़ा सकती है. खासकर जब स्ट्रॉबेरी क्रीम, चॉकलेट या शुगर सिरप के साथ खाई जाए तो इसका ग्लाइसेमिक लोड बढ़ जाता है. डायबिटीज वाले मरीज इसे नियंत्रित मात्रा में ही खाएं और डॉक्टर की सलाह जरूर लें.
जो लोग ब्लड थिनर (जैसे वॉरफरिन) जैसी दवाएं ले रहे हैं, उन्हें स्ट्रॉबेरी से परहेज करना चाहिए. इसमें मौजूद विटामिन K और सैलिसिलेट्स दवाओं के असर को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे ब्लीडिंग या ब्रूजिंग (खून रिसना) जैसी दिक्कतें हो सकती हैं. डॉक्टर अक्सर ऐसे मरीजों को इस तरह के एंटीऑक्सीडेंट-रिच फलों को सीमित मात्रा में लेने की सलाह देते हैं.
स्ट्रॉबेरी एक एसिडिक फल है. इसलिए जिन लोगों को गैस, एसिडिटी या पेट में जलन की समस्या रहती है, उन्हें इसका सेवन सावधानी से करना चाहिए. यह फल एसिड रिफ्लक्स या हार्टबर्न जैसी दिक्कतें बढ़ा सकता है.
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