धौलपुर में बेमौसम बारिश से किसानों की बढ़ी चिंता, गेहूं समेत कई फसलें बर्बाद

धौलपुर में बेमौसम बारिश से किसानों की बढ़ी चिंता, गेहूं समेत कई फसलें बर्बाद

धौलपुर जिले में मौसम विभाग के अलर्ट के बाद जिले में दो दिन से मौसम का मिजाज बदला हुआ है. वहीं, बारिश से किसानों की खेतों में खड़ी गेहूं फसल को भारी नुकसान होने की संभावना दिखाई दे रही है.

गेहूं समेत कई फसलें बर्बादगेहूं समेत कई फसलें बर्बाद
क‍िसान तक
  • Dholpur/Alwar,
  • Mar 20, 2026,
  • Updated Mar 20, 2026, 4:21 PM IST

राजस्थान के धौलपुर जिले में मौसम विभाग के अलर्ट के बाद जिले में दो दिन से मौसम का मिजाज बदला हुआ हैं. आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों गर्मी से राहत मिली है. लेकिन इस बीच गुरुवार देर रात से रुक-रुक कर हो रही बारिश से किसानों की सांसे थम रही है. बारिश से किसानों की खेतों में खड़ी गेहूं फसल को भारी नुकसान होने की संभावना दिखाई दे रही है.

इन फसलों को हुआ भारी नुकसान

खेतों में खड़ी गेहूं की फसल भीग जाने से गिर गई हैं. साथ नगदी फसल जिनमें धनिया, टमाटर, बैंगन, गाजर, गोभी, लौकी, तोरई, भिंडी, नींबू और आम आदि फसलों को भारी नुकसान हुआ है. साथ ही दस फीसदी खेतों में कटने के लिए खड़ी सरसों की फसल को नुकसान हुआ है. जिससे किसानों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है.

किसानों ने मांगा उचित मुआवजा

किसानों ने बताया कि कड़ी मेहनत कर और महंगे खाद डाल कर रबी फसल को मुकाम तक पहुंचाया था. लेकिन बदले हुए मौसम की मार से किसान सहम गए हैं. ओलावृष्टि में हुए फसल खराबे को लेकर किसान सरकार की तरफ उम्मीद लगा रहे हैं.किसानों ने कहा कि सरकार को प्रशासन से सर्वे कराना चाहिए. वहीं, सर्वे के बाद सरकार किसानों को उचित मुआवजा देगी तभी हमें राहत मिलेगी अन्यथा किसान फिर से गर्त में चले जाएंगे.

किसान शिव सिंह, चौब सिंह, मोती सिंह और सामलिया ने बताया कि गेहूं चना मटर की कटाई और नगदी फसल आलू की खुदाई का मुख्य समय चल रहा है. साथ ही कुछ जगह सरसों की भी कटाई हो रही है. लेकिन बेमौसम हुई बारिश और ओलावृष्टि से रबी सीजन की सभी फसलों को भारी नुकसान हुआ है. किसानों ने बताया कि गेहूं की फसल भीगने से खेतों में पसर गई हैं और कटी फसल खेतों में भीग गए हैं.

उत्पादन में आ सकती है कमी

किसानों ने बताया कि रबी फसल के दौरान मौसम में उतार चढाव लगातार बना रहा है, जिससे उत्पादन पर भी काफी असर पड़ा है, और ऊपर से अब बारिश और ओलावृष्टि होने से अत्यधिक नुकसान आशंका बनी हुई है. किसानों ने बताया कि मॉनसून सीजन में दो साल से अधिक बारिश के कारण खेत जलमग्न हो गए थे और खरीफ की फसल भी नष्ट हो गई थी.लेकिन इस बार उन्होंने सरसों की बुवाई कम कर गेहूं और आलू की बुवाई अधिक की थी.लेकिन मौसम की बेरुखी और फसलों में फैलते रोगों ने इस बार भी उनकी कमर तोड़ दी है. किसानो ने बताया कि बढ़ती लागत और घटते मुनाफे के कारण अब लागत निकाल पाना मुश्किल हो रहा हैं. इसके बावजूद बेमौसम बारिश और हल्की ओलावृष्टि ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है.

ओलावृष्टि ने बढ़ाई किसानों की परेशानी

वहीं, धौलपुर के अलावा अलवर जिले में भी अलवर मौसम का मिजाज बदलने लगा है. अलवर, भरतपुर, जयपुर सहित राजस्थान के ज्यादा जिलों में अचानक मौसम में बदलाव हुआ है और तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई है. बीते दो दिनों से लगातार हल्की बूंदाबांदी के साथ तेज हवाएं और आंधी तूफान चलने से तापमान में खासी गिरावट दर्ज की गई है. हालांकि ओलों से तैयार फसल को नुकसान की आशंका जताई जा रही है.  

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी इसी तरह मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है. अचानक हुए इस बदलाव ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी है, लेकिन अचानक हुई ओलावृष्टि ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है. खेतों में खड़ी हुई गेहूं और सरसों की फसल खराब हो गई है. अचानक हुई बिना मौसम की बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं का दाना काला पड़ने सहित गेहूं की फसल खराब होने की सबसे ज्यादा आशंका जताई जा रही है. (उमेश मिश्रा और हिमांशु शर्मा की रिपोर्ट)

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