गुड़ी पड़वा पर मौसम का कहर: महाराष्ट्र में बारिश–ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद, किसानों में हाहाकार

गुड़ी पड़वा पर मौसम का कहर: महाराष्ट्र में बारिश–ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद, किसानों में हाहाकार

गुड़ी पड़वा के शुभ अवसर पर महाराष्ट्र के कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि ने कहर बरपाया. सतारा के कराड दक्षिण क्षेत्र में तेज हवाओं, बिजली और ओलों के साथ अचानक मौसम बदला, वहीं जालना जिले में भी जोरदार ओलावृष्टि से गेहूं, चना और फल-बागवानी को भारी नुकसान हुआ. किसान संकट में हैं और सरकार से तात्कालिक राहत की मांग कर रहे हैं.

Crop Protection From Hailstorm Crop Protection From Hailstorm
क‍िसान तक
  • Satara/Jalna,
  • Mar 20, 2026,
  • Updated Mar 20, 2026, 3:58 PM IST

गुड़ी पड़वा के शुभ अवसर पर महाराष्ट्र के कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का कहर दिखा है. सतारा जिले के कराड दक्षिण क्षेत्र से एक अलग ही तस्वीर सामने आई है. जहां हर साल इस दिन तेज गर्मी का असर देखने को मिलता था, वहीं इस बार अचानक बदले मौसम ने लोगों को चौंका दिया. बिजली की कड़क, तेज आंधी और ओलों के साथ करीब एक घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश ने नववर्ष के उत्साह को फीका कर दिया. उधर जालना जिले में अचानक हुई ओलावृष्टि ने फसलों को बहुत नुकसान किया है.

कराड दक्षिण के पहाड़ी इलाकों में गुरुवार सुबह से ही तेज गर्मी महसूस हो रही थी. नववर्ष के मौके पर लोगों ने पूरे उत्साह के साथ गुड़ी और तोरण सजाकर पर्व का स्वागत किया. लेकिन दोपहर करीब एक से डेढ़ बजे के बीच अचानक मौसम ने करवट ली. तेज हवाओं के साथ भारी बारिश और ओलावृष्टि शुरू हो गई.

किसानों में अफरा-तफरी का माहौल

इस बारिश की खासियत थी इसकी तीव्रता. बिजली की कड़क, तेज हवाएं और बड़े-बड़े ओलों की मार ने पूरे इलाके को प्रभावित कर दिया. ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पानी जमा हो गया. घरों की छतों से पानी बहने लगा. उंडाले, ओंड, नांदगांव, टाळगांव, घोगांव, साळशिरंबे, मनू, जिंती, तुळसण और सवादे समेत कई गांवों में अचानक हुई बारिश से लोगों और किसानों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.

इस बेमौसम बारिश का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है. रबी सीजन में कटाई के लिए तैयार गेहूं, ज्वार और चना जैसी फसलों को भारी नुकसान हुआ है. किसानों का कहना है कि हाथ आया हुआ निवाला बारिश ने छीन लिया. पिछले कई महीनों से अच्छी पैदावार की उम्मीद लगाए बैठे किसान अब हताश नजर आ रहे हैं. 

इस साल आम के पेड़ों पर अच्छा बौर आया था, लेकिन ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने आम की फसल को भी नुकसान पहुंचाया है. पेड़ों पर लगा बौर झड़ने से बागवानों में चिंता का माहौल है. स्थानीय लोगों के बीच एक मान्यता है कि “गुड़ी को भिगोने के लिए बारिश आती है”… हालांकि पिछले 10 से 15 सालों में ऐसा देखने को नहीं मिला था, लेकिन इस बार नववर्ष के पहले ही दिन गुड़ी और तोरण पूरी तरह भीग गए. एक तरफ नववर्ष का उत्सा और दूसरी तरफ बेमौसम बारिश का असर कराड दक्षिण में इस बार गुड़ी पड़वा खुशी के साथ-साथ चिंता भी लेकर आया है.

जालना में तेज बारिश और ओलावृष्टि

जालना जिले में शुक्रवार को अचानक मौसम ने करवट ली और तेज बारिश के साथ जोरदार ओलावृष्टि हुई. मौसम विभाग ने पहले ही जालना जिले में ऑरेंज अलर्ट जारी कर ओलावृष्टि की संभावना जताई थी, जो अब सच साबित हुई है. जालना जिले के जालना, बदनापूर, परतूर, मंठा और घनसावंगी तहसील के कई हिस्सों में तेज बारिश और ओलावृष्टि हुई. इस कारण खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है. खासतौर पर कटाई के लिए तैयार गेहूं और चना की फसल पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ा है. 

इसके अलावा तरबूज, आम, नींबू और अंगूर जैसी फलों की बागवानी को भी बड़ा झटका लगने की संभावना है. किसानों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे थे, लेकिन इस तरह की ओलावृष्टि से उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है. कई किसानों की पूरी मेहनत पर पानी फिरने का खतरा मंडरा रहा है. बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के कारण खेतों में खड़ी फसल सड़ने का खतरा भी बढ़ गया है.

ऐसे में किसान काफी चिंतित नजर आ रहे हैं और सरकार से तुरंत मदद की मांग कर रहे हैं. किसानों ने प्रशासन से अपील की है कि जल्द से जल्द नुकसान का सर्वे (पंचनामा) किया जाए और प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता दी जाए, ताकि उन्हें इस संकट से राहत मिल सके.(सकलेन मंसूर मुलानी और गौरव साली का इनपुट)

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