बारिश-ओलावृष्टि से फसल नुकसान पर एक्‍शन में शिवराज, दालों की खरीद पर दिया बड़ा बयान

बारिश-ओलावृष्टि से फसल नुकसान पर एक्‍शन में शिवराज, दालों की खरीद पर दिया बड़ा बयान

बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसल नुकसान को लेकर केंद्र सरकार सक्रिय हुई है. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने समीक्षा बैठक में वैज्ञानिक आकलन, बीमा क्लेम और किसानों को त्वरित राहत देने पर जोर दिया. साथ ही उन्‍होंने दालों की खरीद पर भी बड़ा बयान दिया.

Shivraj Singh Chouhan Review Meeting on Crop LossShivraj Singh Chouhan Review Meeting on Crop Loss
क‍िसान तक
  • New Delhi,
  • Mar 20, 2026,
  • Updated Mar 20, 2026, 4:05 PM IST

केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्‍ली में कृषि भवन में देश के कृषि क्षेत्र की समग्र स्थिति की समीक्षा की. हाल के दिनों में कई राज्यों में तेज बारिश, ओलावृष्टि और प्रतिकूल मौसम के कारण फसलों को संभावित नुकसान के मद्देनजर काफी अहम रही. बैठक में किसानों को हुए संभावित नुकसान, उनकी तत्काल जरूरतों, बीमा दावों की प्रक्रिया और राहत व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की गई. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि‍ सरकार का फोकस सिर्फ उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि फसल-क्षति के वैज्ञानिक आकलन, बीमा क्लेम के सही निपटान और किसानों को समय पर राहत पहुंचाने पर भी बराबर जोर दिया जा रहा है. 

वैज्ञानिक आकलन और क्रॉप कटिंग एक्सपेरिमेंट पर जोर

केंद्रीय कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां भी फसल नुकसान की आशंका या रिपोर्ट सामने आई है, वहां राज्य सरकारों के साथ समन्वय के साथ तुरंत क्रॉप कटिंग एक्सपेरिमेंट कराए जाएं और वैज्ञानिक तरीके से नुकसान का आकलन किया जाए. उन्होंने साफ कहा कि किसी भी किसान को राहत या बीमा क्लेम के लिए अनावश्यक इंतजार न करना पड़े, इसके लिए फील्ड स्तर पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. अधिकारियों को राज्यों के साथ लगातार संवाद बनाए रखने और प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश भी दिए गए.

दलहन पर फोकस, MSP पर खरीदी की तैयारी

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि गेहूं और धान की सरकारी खरीद के साथ-साथ दलहन फसलों की खरीदी पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा. तुअर, मसूर और उड़द जैसी फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे बिकने से रोकने के लिए सरकारी एजेंसियों के माध्यम से खरीद सुनिश्चित की जाएगी. उन्होंने दलहन आत्मनिर्भरता मिशन को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि उत्पादन बढ़ाने, क्षेत्र विस्तार और किसानों को बेहतर दाम दिलाने के लिए ठोस रणनीति पर काम हो रहा है. कृषि मंत्री चौहान ने कहा कि किसान जितनी दाल बेचना चाहेंगे, हम उतनी खरीद करेंगे.

किसानों को समय सलाह देकर सतर्क करने पर फोकस

बैठक में मौसम पूर्वानुमान और फसलों की मौजूदा स्थिति की समीक्षा करते हुए संभावित जोखिमों के अनुसार रणनीति बनाने पर चर्चा हुई. मंत्री ने कहा कि कृषि विभाग, राज्य सरकारें और संबंधित संस्थाएं मिलकर ऐसी व्यवस्था तैयार करें, जिससे किसानों को समय पर सलाह और सुरक्षा मिल सके. 

क्वालिटी सुधार से प्रीमियम कीमत का लक्ष्य

कृषि मंत्री ने कहा कि अब नीति में गुणवत्ता सुधार को भी प्राथमिकता दी जाएगी ताकि, किसानों को MSP से अधिक कीमत मिल सके. बेहतर किस्मों और फोर्टिफाइड बीजों के इस्तेमाल से फसलों की गुणवत्ता बढ़ाकर बाजार में प्रीमियम मूल्य हासिल करने की दिशा में अभियान चलाया जाएगा. उन्होंने संकेत दिया कि केवल उत्पादन बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि गुणवत्ता के जरिए आय बढ़ाना भी जरूरी है.

रीजनल कॉन्फ्रेंस और फसलवार रोडमैप की तैयारी

मंत्री ने विकसित कृषि संकल्प अभियान और क्षेत्रीय बैठकों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए बताया कि अब अलग-अलग जोन में रीजनल कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएंगी, जिससे क्षेत्र विशेष के अनुसार कृषि रणनीति तैयार हो सके. इन बैठकों में वैज्ञानिक, विशेषज्ञ, किसान और निजी क्षेत्र के प्रतिनिधि शामिल होंगे. साथ ही हर प्रमुख फसल और राज्य के लिए अलग रोडमैप तैयार किया जाएगा, जिससे बीज से बाजार तक पूरी वैल्यू चेन को मजबूत किया जा सके.

किसानों की आय और सुरक्षा पर जोर

बैठक के अंत में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों के साथ खड़ी है और उनकी आय, सुरक्षा और समय पर सहायता सुनिश्चित करना प्राथमिकता है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ जमीन तक पहुंचे और किसानों को हर स्तर पर सहयोग मिले, ताकि कृषि क्षेत्र को स्थिर और मजबूत बनाया जा सके.

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