गाय-भैंस ही नहीं भेड़-बकरियों के लिए भी साल के 12 महीने हरा चारा मिलना मुश्किल हो जाता है. और जब बारिश के महीनों में चारों ओर भरपूर हरा चारा होता है तो उसे ज्यादा खिला भी नहीं सकते. क्योंकि उस चारे में पानी की मात्रा बहुत ज्यादा होती है. अगर बकरी इस चारे को ज्यादा खा लेती हैं तो उन्हें डायरिया की परेशानी होने लगती है. हालांकि ऐसी ही परेशानियों से बचने के लिए साइलेज और हे तैयार किया जाता है. लेकिन बकरियों का नेचर है कि वो डाल से पत्ती तोड़कर खाना ज्यादा पसंद करती हैं.