
बिहार के बांका जिले में आकाशीय बिजली गिरने से 11 मवेशियों की मौत हो गई. घटना गुरुवार शाम सूईया थाना क्षेत्र की दक्षिणी कसवाबसीला पंचायत के खिजुरिया गांव के पास कदुआ मैदान में हुई. एक साथ इतने मवेशियों की मौत से पशुपालकों को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है. घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई. जानकारी के मुताबिक, खिजुरिया गांव के कई पशुपालक गुरुवार शाम अपने मवेशियों को चराने के लिए कदुआ मैदान ले गए थे. उस समय मवेशी मैदान में घास चर रहे थे. इसी दौरान अचानक मौसम बदल गया और बारिश शुरू हो गई. बारिश से बचने के लिए पशुपालक अपने मवेशियों को मैदान में छोड़कर गांव की ओर चले गए.
बताया जा रहा है कि बारिश से बचने के लिए सभी मवेशी मैदान के पास एक पेड़ के नीचे खड़े हो गए. इसी दौरान पेड़ के पास बिजली गिर गई, जिसकी चपेट में आने से वहां खड़े सभी 11 मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई.
मृत मवेशियों में पूर्व मुखिया हेमलाल सोरेन के दो, रमेश सोरेन के चार और मनोज सोरेन, लखन सोरेन, योगेंद्र सोरेन, बिरंची हांसदा और धनी हांसदा के एक-एक मवेशी शामिल हैं. घटना की जानकारी मिलने के बाद पशुपालक और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, और अपने मवेशियों को मृत देखकर पशुपालक काफी दुखी हो गए. उनका कहना है कि मवेशी उनके परिवार की कमाई का बड़ा साधन थे. दूध बेचने और पशुपालन से होने वाली आमदनी से परिवार का खर्च चलता था. ऐसे में अचानक मवेशियों की मौत से उन्हें आर्थिक संकट में डाल दिया है.
घटना की सूचना मिलने पर सूईया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली. स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी चांदन के अंचलाधिकारी को घटना से अवगत कराया. पशुपालकों ने प्रशासन से प्राकृतिक आपदा के तहत उचित मुआवजा देने की मांग की है, ताकि उनके नुकसान की कुछ भरपाई हो सके.
इस घटना के बाद ग्रामीणों ने लोगों से अपील की है कि बारिश और वज्रपात के दौरान खुले मैदान में न रहें. बिजली चमकने या गरजने पर किसी पेड़ के नीचे भी शरण नहीं लेनी चाहिए. सुरक्षित पक्की इमारत के अंदर जाना बेहतर है. बिजली गिरने का खतरा होने पर बिजली के खंभों और अन्य खुले स्थानों से भी दूर रहना चाहिए. (दीपक कुमार की रिपोर्ट)