कई राज्यों में बरसेेंगे बादलमॉनसून की विदाई के बाद भी देश के कई हिस्सों में बारिश का असर बना हुआ है. दक्षिण भारत में मौसम एक बार फिर सक्रिय हो गया है. दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश का सिलसिला अगले कई दिनों तक जारी रहने वाला है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, 23 अक्टूबर तक तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और लक्षद्वीप समेत कई इलाकों में बारिश होने की संभावना है. वहीं, 18 अक्टूबर को कुछ राज्यों में तेज हवाओं, बिजली गिरने और भारी बारिश को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है. उत्तर भारत के कुछ राज्यों में भी बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है. ऐसे में आइए जानते हैं आज के मौसम का हाल.
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में 23 अक्टूबर तक कई राज्यों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है. तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल, माहे, लक्षद्वीप और कर्नाटक के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना है. वहीं, तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में भी अलग-अलग दिनों में बारिश हो सकती है. मौसम विभाग ने 18 अक्टूबर को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ इलाकों में भारी बारिश की आशंका जताई है. इन इलाकों में लगातार बारिश के कारण लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
दिल्ली-NCR में 18 अक्टूबर को दक्षिण भारत जैसी भारी बारिश की संभावना नहीं है. IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, दिल्ली में आसमान मुख्य रूप से साफ रहने और मौसम शुष्क रहने की संभावना है. दिल्ली में अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान लगभग 19 डिग्री सेल्सियस रह सकता है. वहीं, NCR गुरुग्राम, नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद में भी मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है.
दक्षिण भारत के अलावा पश्चिमी भारत के कुछ इलाकों में भी मौसम सक्रिय रह सकता है. मौसम विभाग के अनुसार, गोवा, कोंकण, मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है. यह गतिविधि अलग-अलग इलाकों में 19 और 20 अक्टूबर तक जारी रह सकती है.
दक्षिण भारत के अलावा उत्तर भारत के कुछ राज्यों में भी मौसम बदल सकता है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ जगहों पर बारिश के साथ गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है. यहां हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि तेज झोंकों के साथ यह 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ जगहों पर ओले गिरने की भी आशंका है. ऐसे में किसानों को खास सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी फसलों और सब्जियों को नुकसान पहुंच सकता है.
मौसम विभाग ने 18 से 19 अक्टूबर के दौरान कर्नाटक और केरल के तटों के पास तथा लक्षद्वीप क्षेत्र में मछुआरों को सतर्क रहने की सलाह दी है. समुद्र में मौसम खराब होने की आशंका को देखते हुए मछुआरों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना चाहिए. किसानों को भी बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि की चेतावनी को ध्यान में रखकर खेतों में काम की योजना बनानी चाहिए. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ओले गिरने की आशंका के कारण फसलों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना जरूरी है.
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