Weather Alert: कई राज्यों में आंधी और भारी बारिश का अलर्ट, राजस्थान में चलेगी लू, पढ़ें फुल वेदर अपडेट

Weather Alert: कई राज्यों में आंधी और भारी बारिश का अलर्ट, राजस्थान में चलेगी लू, पढ़ें फुल वेदर अपडेट

देशभर में मौसम तेजी से बदलने के संकेत हैं जहां कई राज्यों में बारिश, आंधी और तेज हवाओं का असर रहेगा, वहीं कुछ इलाकों में लू का खतरा बना हुआ है. आने वाले दिनों में उत्तर से दक्षिण तक अलग-अलग तरह के मौसम की स्थिति देखने को मिल सकती है.

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कई राज्यों में आंधी और भारी बारिश का अलर्ट, राजस्थान में चलेगी लू, पढ़ें फुल वेदर अपडेटआज का मौसम

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने उत्तर-पश्चिम भारत में 11 से 14 मई के बीच गरज-चमक और 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं का नया दौर शुरू होने का पूर्वानुमान जारी किया है. दक्षिण भारत के केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अगले 7 दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. वहीं, पश्चिम राजस्थान और गुजरात में 9 से 15 मई तक लू चलने की संभावना जताई गई है, जबकि पश्चिम मध्य प्रदेश में 12 और 13 मई को लू का असर दिख सकता है. साथ ही 11 मई के आसपास दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने के संकेत हैं. 

10 मई को देशभर का मौसम अपडेट

मौसम विभाग के मुताबिक, 10 मई को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड में हल्की बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रह सकती हैं. पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में अभी मुख्य रूप से शुष्क मौसम बना रहेगा, हालांकि अगले दिनों में बदलाव के संकेत हैं. बिहार, झारखंड और ओडिशा में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है. पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी गरज-चमक के साथ मौसम सक्रिय रहेगा.

असम और मेघालय में बारिश और तेज हवाओं का असर रहेगा, जबकि अरुणाचल प्रदेश में हल्की बारिश की गतिविधियां दिखेंगी. मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में कहीं-कहीं गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं. महाराष्ट्र में भी हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाओं की संभावना है. दक्षिण भारत के तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और लक्षद्वीप में गरज-चमक के साथ बारिश और कुछ इलाकों में भारी वर्षा की स्थिति बनी रहेगी.

दिल्ली-NCR में 11 तारीख से बदलेगा मौसम

10 मई को दिल्ली-एनसीआर में आसमान साफ रहने का अनुमान है. अधिकतम तापमान 36 से 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है. 

दिनभर दक्षिण-पूर्व दिशा से हल्की से मध्यम गति की हवाएं चलेंगी. 11 और 12 मई को मौसम में बदलाव आएगा और आंशिक रूप से बादल छाने के साथ हल्की बारिश, गरज-चमक और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा.

उत्तर-उत्तर-पश्चिम भारत में आगे का हाल

IMD के मुताबिक, उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ के असर से 11 मई के बाद मौसम में बदलाव शुरू होगा. हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में बारिश और बर्फबारी की गतिविधियां बढ़ेंगी. 

पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में 11 से 14 मई के बीच हल्की बारिश की संभावना है. राजस्थान में तापमान बढ़ेगा और पश्चिमी हिस्सों में लू का असर बना रहेगा. पूर्वी राजस्थान में 12 मई के बाद गर्मी और तेज होगी.

पूर्व, मध्य और पूर्वोत्तर भारत का पूर्वानुमान

पूर्वी भारत के बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में 15 मई तक गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. कुछ स्थानों पर तेज आंधी और ओलावृष्टि की घटनाएं भी संभव हैं. 

मध्य भारत के मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में 13 मई तक रुक-रुक कर बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं. पूर्वोत्तर भारत में असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 10 से 15 मई के बीच व्यापक बारिश और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना है.

दक्षिण और पश्चिम भारत का पूर्वानुमान

दक्षिण भारत के तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में 13 मई तक गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश जारी रहेगी. तमिलनाडु और केरल में कई स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी है. पश्चिम भारत के गुजरात में तापमान में बढ़ोतरी होगी और लू का असर जारी रहेगा. महाराष्ट्र और कोंकण-गोवा क्षेत्र में हल्की बारिश और उमस भरा मौसम बना रहेगा.

किसानों और पशुपालकों के लिए सलाह

किसानों को सलाह दी गई है कि जहां बारिश और तेज हवाओं की संभावना है वहां फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखें या तिरपाल से ढकें. तेज हवाओं से बचाव के लिए फलदार पौधों और सब्जियों को सहारा दें. 

भारी बारिश वाले क्षेत्रों में खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करें ताकि जलभराव से फसलों को नुकसान न हो. लू प्रभावित क्षेत्रों में हल्की सिंचाई करते रहें और पशुओं को छायादार स्थान पर रखें. पशुपालकों को सलाह है कि खराब मौसम के दौरान पशुओं को खुले में न छोड़ें और चारे को सुरक्षित स्थान पर रखें.

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