महाराष्ट्र में सूखे से बेहाल किसान, रोहित पवार ने सरकार से मांगा 85 हजार करोड़ का राहत पैकेज

महाराष्ट्र में सूखे से बेहाल किसान, रोहित पवार ने सरकार से मांगा 85 हजार करोड़ का राहत पैकेज

महाराष्ट्र में सूखे से जूझ रहे किसानों, खेतिहर मजदूरों और महिलाओं के लिए NCP (SP) विधायक रोहित पवार ने 85 हजार करोड़ रुपये के राहत पैकेज की मांग की है. उन्होंने नासिक कुंभ मेले के खर्च की समीक्षा करने की अपील की.

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महाराष्ट्र में सूखे से बेहाल किसान, रोहित पवार ने सरकार से मांगा 85 हजार करोड़ का राहत पैकेजरोहित पवार

महाराष्ट्र में सूखे के कारण किसान और ग्रामीण परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं. इस बीच NCP (SP) के विधायक रोहित पवार ने किसानों, खेतिहर मजदूरों और महिलाओं के लिए 85,000 करोड़ रुपये के राहत पैकेज की मांग की है. उन्होंने राज्य सरकार से अपील की कि बड़ी परियोजनाओं और गैर-जरूरी खर्चों के बजाय ग्रामीण लोगों की आजीविका और बुनियादी जरूरतों को प्राथमिकता दी जाए. रोहित पवार ने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह मांग उठाई. उन्होंने सूखा प्रभावित किसानों को दी जा रही 5,000 रुपये की अंतरिम सहायता को भी बहुत कम बताया.

85 हजार करोड़ रुपये के पैकेज की मांग

रोहित पवार के मुताबिक, महाराष्ट्र में सूखे से प्रभावित किसानों, खेतिहर मजदूरों और महिलाओं को आर्थिक मदद की जरूरत है. उन्होंने कहा कि सरकार को इन वर्गों के लिए 85,000 करोड़ रुपये का राहत पैकेज देना चाहिए, ताकि उन्हें संकट से उबरने में मदद मिल सके. उन्होंने यह भी कहा कि विधायकों और सांसदों की ओर से एक साल का वेतन राहत के लिए देने से इतनी बड़ी समस्या का समाधान नहीं होगा. संकट का स्तर देखते हुए सरकार को बड़े पैमाने पर आर्थिक सहायता उपलब्ध करानी चाहिए.

कुंभ मेले के खर्च की समीक्षा की मांग

रोहित पवार ने महाराष्ट्र में चल रही प्रमुख परियोजनाओं, खासकर शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे और नासिक में होने वाले कुंभ मेले से जुड़े कार्यों पर खर्च की समीक्षा करने की मांग की. उन्होंने कहा कि कुंभ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सुविधाएं और बुनियादी ढांचा तैयार करना महत्वपूर्ण है. हालांकि, उन्होंने उन कार्यों पर सवाल उठाए जिन्हें वे अनावश्यक मानते हैं. उनका सुझाव है कि इन परियोजनाओं के लिए तय बजट और नासिक में किए जा रहे अतिरिक्त खर्च का दोबारा आकलन किया जाए. इससे बचने वाली राशि को सूखा प्रभावित किसानों और जरूरतमंद ग्रामीण परिवारों की मदद के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है.

5 हजार की राहत को बताया नाकाफी

रोहित पवार ने सूखा प्रभावित किसानों के लिए घोषित 5,000 रुपये की अंतरिम सहायता की आलोचना की. उन्होंने कहा कि इतनी कम राशि से किसानों की जरूरतें पूरी करना मुश्किल है. उनके मुताबिक, इस रकम से किसान दिवाली जैसे त्योहार का खर्च भी ठीक से नहीं उठा सकते. उन्होंने दावा किया कि कुछ किसान इस सहायता राशि को सरकार को वापस भेज रहे हैं.

इसके अलावा रोहित पवार ने सूखे के कारण पशुओं के लिए चारे की कमी का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने मांग की कि पशुओं की देखभाल के लिए किसानों को सीधे नकद सहायता दी जाए और गांवों में पीने के पानी की बेहतर व्यवस्था की जाए. उनका कहना है कि सूखे के समय सरकार को ग्रामीण आजीविका, पशुधन और किसानों की बुनियादी जरूरतों पर अधिक ध्यान देना चाहिए.

महिलाओं के कर्ज का मुद्दा भी उठाया

रोहित पवार ने महिलाओं पर बढ़ते माइक्रो फाइनेंस कर्ज के बोझ को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से हस्तक्षेप की मांग की. उन्होंने आरोप लगाया कि कर्ज वसूली के लिए अपनाए जा रहे कुछ तरीकों से कर्जदार महिलाएं गंभीर दबाव में हैं.  उन्होंने इस मामले में राहत देने की जरूरत बताई. रोहित पवार की मांगों के केंद्र में सूखा प्रभावित किसानों और ग्रामीण परिवारों को राहत देना है. उन्होंने सरकार से अपील की कि खर्च की प्राथमिकताओं पर दोबारा विचार किया जाए और जरूरतमंद लोगों की आर्थिक मदद को प्राथमिकता दी जाए. (PTI)

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