
पूसा-HD3406 गेहूं की उन्नत वैरायटी है, जिसे भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अधीन भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (ICAR-IARI) तैयार किया है. यह किस्म जल्द पककर (130 दिनों में) तैयार हो जाती है और रतुआ रोग के प्रति प्रतिरोधी है. (सांकेतिक तस्वीर)

पूसा-HD3406 गेहूं की किस्म मैदानी इलाकों में समय पर बुवाई के लिए बनाई गई है. देर से बुवाई करने पर इसे बार-बार और जल्दी सिंचाई की जरूरत पड़ती है. यह किस्म पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में खेती के लिए उपयुक्त है. (सांकेतिक तस्वीर)

IARI के मुताबिक, पूसा-HD3406 गेहूं किस्म सिर्फ मैदानी इलाकों में अच्छी उपज देगी, जबकि पहाड़ी क्षेत्र में इसकी खेती करने की सलाह नहीं दी जाती है. जहां अन्य गेहूं की अन्य किस्में 155 दिन में तैयार होती है, यह उनसे 25 दिन पहले तैयार हो जाती है. (सांकेतिक तस्वीर)

गेहूं की सामान्य किस्मों के मुकाबले पूसा-HD3406 गेहूं की खेती में पानी की कम खपत होती है. वहीं, पैदावार के मामले में भी यह काफी आगे है. इससे 65 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक पैदावार ली जा सकती हैं. (सांकेतिक तस्वीर)

किसान खेती के लिए पूसा-HD3406 गेहूं किस्म के बीज ऑनलाइन खरीद सकते हैं. भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पूसा बीज पोर्टल https://pusabeej.iari.res.in/varieties.php?crop_name=V2V5enlQSkV0anFPaTF6T3JkVTc5dz09 से 50 रुपये प्रति किलो के हिसाब से इसके बीज खरीदे सकते हैं. इसके अलावा किसान जिला कृषि केंद्र, सरकारी बीज केंद्रों से भी पूसा-HD3406 गेहूं के बीज ले सकते हैं.
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today