
गाजीपुर में गंगा नदी का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ रहा है. मंगलवार को गंगा का पानी 63.260 मीटर तक पहुंच गया. खतरे का निशान 63.105 मीटर है. यानी गंगा खतरे के निशान से 15 सेंटीमीटर ऊपर बह रही हैं. पानी करीब एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है.

गंगा का जलस्तर बढ़ने से नदी के किनारे बसे गांवों में लोगों की चिंता बढ़ गई है. रेवतीपुर ब्लॉक के कई गांवों और संपर्क रास्तों तक बाढ़ का पानी पहुंच चुका है. कुछ जगहों पर लोग पानी के बीच से आने-जाने को मजबूर हैं. खेतों में भी पानी पहुंचने से फसलों को नुकसान का डर बढ़ गया है.

गंगा का पानी बढ़ने के बाद मां कामाख्या धाम की ओर जाने वाली बायपास सड़क पर भी पानी पहुंच गया है. सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने यहां बैरिकेडिंग कर रास्ते पर आवागमन रोक दिया है. प्रशासन लोगों को पानी वाले रास्तों से दूर रहने की सलाह दे रहा है.

गाजीपुर जिला प्रशासन बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है. बाढ़ चौकियों और आश्रय स्थलों को तैयार रखा गया है. आबादी वाले इलाकों में लाउडस्पीकर के जरिए लोगों को सावधान किया जा रहा है. अधिकारियों और राजस्व टीमों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है.

बाढ़ का पानी खेतों तक पहुंचने से किसानों की फसल को नुकसान होने का खतरा है. प्रशासन के मुताबिक किसानों की फसलों का पहले ही बीमा कराया जा चुका है. ऐसे में बाढ़ से फसल खराब होने पर किसानों को फसल बीमा के जरिए आर्थिक मदद मिलने की उम्मीद है.

बाढ़ से जुड़ी जरूरी जानकारी लोगों तक जल्दी पहुंचाने के लिए प्रशासन ने करीब 12 हजार ग्रामीणों का टेलीग्राम ग्रुप बनाया है. इस ग्रुप के जरिए जलस्तर, बाढ़ और प्रशासन की ओर से जारी जरूरी सूचनाएं साझा की जा रही हैं. इससे लोगों को समय पर सावधान होने में मदद मिल रही है.

गंगा का पानी लगातार बढ़ रहा है, इसलिए प्रशासन लोगों से सावधानी बरतने की अपील कर रहा है. जिलाधिकारी ने लोगों से कहा है कि वे घबराएं नहीं और प्रशासन की सलाह का पालन करें. किसी भी आपात स्थिति में तुरंत संबंधित अधिकारियों से संपर्क करें और अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें. (विनय कुमार सिंह की रिपोर्ट)
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