संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से आयोजित कार्यक्रम में किसान नेताओं ने केंद्र और पंजाब सरकार दोनों पर किसान-मजदूर विरोधी नीतियां लाने का आरोप लगाया. बिजली संशोधन विधेयक 2025, बीज संशोधन विधेयक 2025, मनरेगा मजदूरों से जुड़े कानून, अमेरिका के साथ मुक्त व्यापार समझौता और बठिंडा थर्मल प्लांट की सैकड़ों एकड़ सार्वजनिक जमीन की बिक्री को लेकर तीखी आलोचना की गई. बठिंडा में हुई पुलिस कार्रवाई, जिसमें एसएसपी ज्योति यादव के नेतृत्व में किसानों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागे गए, का भी जिक्र किया गया. किसान नेताओं ने कहा कि सरकार लोगों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है और पत्रकारों पर भी मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ये कानून वापस नहीं लिए गए तो संघर्ष और तेज होगा.
Punjab farmers stage massive protest outside homes of BJP and AAP leaders
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