उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले के प्रगतिशील किसान प्रवीण सैनी आलू की पारंपरिक खेती से हटकर बीज उत्पादन (Seed Production) के जरिए अपनी आय दोगुनी कर रहे हैं। प्रवीण सैनी बताते हैं कि 'नॉर्मल खाने वाला आलू नहीं, मैं बीज का आलू करता हूं' और 'मंडी का रेट 400 रुपये है तो हमारा 800 से 1000 रुपये पैकेट निकल जाता है.' उनके 65 एकड़ के फार्म पर कुफरी लोहित, कुफरी माणिक, कुफरी भास्कर और कुफरी चिपसोना जैसी लगभग 15 नई किस्मों के बीज तैयार किए जा रहे हैं. प्रवीण सैनी ने फाउंडेशन फर्स्ट श्रेणी के बीज लगाकर अक्टूबर के सीजन में किसानों को उन्नत बीज उपलब्ध कराने का मॉडल अपनाया है. इस तकनीक से न केवल पैदावार बेहतर होती है, बल्कि भंडारण के बाद सही समय पर बिक्री से किसानों को सामान्य आलू के मुकाबले कहीं ज्यादा मुनाफा मिलता है. उनकी यह पहल क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा बन रही है.
Potato farmers are earning double profits from seed production know complete math
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