गर्मी के मौसम में मूंग की खेती अब सिर्फ दाल की जरूरत पूरी करने तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह खेतों की उर्वरता बढ़ाने का भी एक बेहतर विकल्प बन गई है। मूंग की फसल के बाद पौधों को खेत में मिलाने से मिट्टी में नाइट्रोजन और जैविक पदार्थ बढ़ते हैं, जिससे भूमि की गुणवत्ता सुधरती है और रासायनिक खाद पर निर्भरता कम होती है। कृषि विज्ञान केंद्र, बक्सर के वैज्ञानिकों के अनुसार यह तकनीक धान की अगली फसल के लिए भी काफी लाभकारी साबित हो रही है।
Moong cultivation proves profitable for farmers during summer soil fertility improving
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