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मखाना ग्लोबल हुआ...लेकिन कारीगरों को क्या मिला?

मखाना ग्लोबल हुआ...लेकिन कारीगरों को क्या मिला?

बिहार के मिथिलांचल में मखाना सिर्फ एक फसल नहीं, बल्कि हजारों परिवारों की रोजी-रोटी है. लेकिन जिस मखाने की कीमत बाजार में हजारों रुपये किलो तक पहुंचती है, उसे तैयार करने वाले कारीगर आज भी संघर्ष कर रहे हैं.

Makhana has gone global but what did artisans get