मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले की बैगा आदिवासी महिला लहरी बाई आज मिलेट संरक्षण की एक मिसाल बन चुकी हैं. उन्होंने अपने छोटे से घर को बीज बैंक में बदलकर 150 से अधिक दुर्लभ मिलेट बीजों को सुरक्षित रखा है. कोदो कुटकी सांवा और चेना जैसे देशी अनाजों को बचाने के लिए वे गांव गांव जाकर बीज इकट्ठा करती हैं और किसानों को मुफ्त में उपलब्ध कराती हैं. उनके प्रयासों के लिए उन्हें इंटरनेशनल ईयर ऑफ मिलेट का ब्रांड एंबेसडर भी बनाया गया है.
Lahari Bai Unique Seed Bank Is Giving New Life to Indigenous Millets
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today