Chhatisgarh में Medicinal Plant Bord की मदद से औषधीय पौधों की खेती को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे खासतौर पर महिलाओं को रोजगार और आय का नया साधन मिल रहा है. महिलाओं ने बताया कि बोर्ड की ओर से क्लस्टर के माध्यम से खेती की पूरी ट्रेनिंग दी जाती है. खेती शुरू करने से पहले महिलाओं को सफल किसानों के यहां विजिट भी कराया जाता है, ताकि वे व्यावहारिक अनुभव हासिल कर सकें. ट्रेनिंग के दौरान खस के साथ-साथ सब्जियां और अन्य औषधीय पौधे उगाने की जानकारी भी दी जाती है. बोर्ड महिलाओं को खेती से जुड़ने के लिए प्रोत्साहन राशि भी उपलब्ध कराता है. किसानों का मानना है कि औषधीय पौधों की खेती से राज्य में गरीबी कम की जा सकती है. बंजर जमीनों में पहले मिट्टी की जांच कर उसके अनुसार उपयुक्त पौधे लगाए जाते हैं. खस की जड़ से इत्र बनाया जाता है, जिसकी कीमत लगभग 100 रुपये प्रति किलो बताई गई है.
Initiative in Chhattisgarh Women becoming millionaires help of Medicinal Plants Board
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