Chhattisgarh के महासमुंद जिले में किसानों को अधिक आय देने वाली खेती से जोड़ने के लिए चंदन के पौधे तैयार किए जा रहे हैं. चंदन एक बेहद मूल्यवान ऐरोमैटिक और औषधीय पौधा माना जाता है, जिसकी बाजार में काफी मांग रहती है. विशेषज्ञों के अनुसार चंदन का पौधा पूरी तरह तैयार होने में लगभग 15 से 20 साल का समय लेता है, लेकिन इसके बाद यह किसानों को बड़ी आमदनी दे सकता है. एक चंदन का पेड़ तैयार होने पर करीब 1 लाख रुपये तक का मुनाफा मिलने की संभावना रहती है. हालांकि चंदन की खेती सामान्य फसलों से अलग होती है. चंदन का पौधा खुद से भोजन नहीं बना पाता, इसलिए इसके साथ किसी अन्य सहायक पौधे को लगाना जरूरी होता है, जिससे वह पोषण ले सके। सही तकनीक और देखरेख के साथ चंदन की खेती किसानों के लिए लंबी अवधि का लाभकारी निवेश साबित हो सकती है.
How is sandalwood cultivated Understand formula for costs care and profits
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