आलू की खुदाई के लिए आलू डिगर या आलू प्लांटर मशीन का उपयोग अब किसानों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो रहा है. जिला कन्नौज के सत्येंद्र सिंह कुशवाहा तीन साल से इस सेकंड हैंड मशीन का उपयोग कर कारोबार कर रहे हैं. सत्येंद्र सिंह बताते हैं कि यह मशीन एक घंटे में एक बीघा आलू निकाल देती है, जबकि पहले इसमें दो दिन लग जाते थे. इस मशीन का सबसे बड़ा फायदा यह है कि खेत की नमी बनी रहती है, जबकि पहले कुदाल से खुदाई में नमी चली जाती थी. एक बीघा खुदाई का खर्च ढाई से तीन सौ रुपए है. दो या तीन सिलेंडर के ट्रैक्टर से यह आसानी से चल जाता है. एक दिन में पंद्रह से बीस बीघा खुदाई हो जाती है और पंद्रह सौ रुपए का डीजल खर्च होता है. सरकार की ओर से इस मशीन पर अनुदान भी उपलब्ध है.
How did this second hand Potato Digger Machine change fate of potato farmer
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