Chhattisgarh के एमसीबी जिले में MGNREGA योजना की जमीनी हकीकत अब सरकार के दावों पर बड़े सवाल खड़े कर रही है. एक तरफ सरकार लगातार यह प्रचार कर रही है कि ग्रामीण मजदूरों को ज्यादा से ज्यादा रोजगार दिया जा रहा है, 100 दिन की जगह 125 दिन का काम उपलब्ध कराया जायेगा. इतना ही नहीं गांवों में विकास कार्यों की लंबी सूची गिनाई जा रही है. लेकिन दूसरी तरफ उन्हीं मजदूरों की मेहनत की कमाई महीनों से अटकी पड़ी है. गांव के गरीब मजदूरों ने कुआं खोदा, तालाब गहरीकरण किया, गोदी खुदाई की, पीएम आवास के कार्यों में दिन-रात मेहनत की, कड़ी धूप में पसीना बहाया, लेकिन जब मजदूरी देने की बारी आई तो पूरा सिस्टम खामोश हो गया. मजदूरों को रोजगार का सपना दिखाया गया, लेकिन अब वही मजदूर अपनी मजदूरी के लिए पंचायतों और जनपद कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं.
Ground Reality of MGNREGA Exposed Earnings of Thousands of Poor People Buried in Govt Files
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