छत्तीसगढ़ के रायपुर में एक अनोखी पहल देखने को मिल रही है. यहां ग्रामीण क्षेत्रों में कमल रेशम का उत्पादन तेजी से बढ़ रहा है, जो रोजगार का नया जरिया बन रहा है.खास बात ये है कि यह रेशम पारंपरिक रेशम की तरह कीड़ों से नहीं, बल्कि कमल के तनों से तैयार किया जाता है. इसलिए यह पूरी तरह प्राकृतिक, टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल है.आज के समय में जब लोग इको-फ्रेंडली उत्पादों की ओर बढ़ रहे हैं, ऐसे में कमल रेशम की मांग भी बढ़ रही है. इससे न सिर्फ ग्रामीणों की आमदनी बढ़ रही है, बल्कि पर्यावरण को भी फायदा मिल रहा है..सुनिए इसको लेकर श्री हरि हरा विकास समिति के अध्यक्ष और सदस्य ने क्या बताया....
Crisis of Lockdown to Startups know How Kamal Resham Transformed Lives of Villagers
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