इस बार करनाल के कई किसानों ने पारंपरिक खेती की पद्धति को पीछे छोड़ते हुए धान की सीधी बिजाई को अपनाया है. ये किसान न सिर्फ पानी की भारी बचत कर रहे हैं, बल्कि सरकार की "पानी बचाओ, भविष्य बचाओ" मुहिम में भी सक्रिय रूप से भागीदार बनकर एक नई मिसाल पेश कर रहे हैं. सबसे खास बात यह है कि अब युवा किसान भी इस तकनीक को अपना रहे हैं. इस पद्धति से किसानों की आमदनी बढ़ी है, पानी की खपत घटी है और मजदूरों की कमी की समस्या भी काफी हद तक हल हुई है.
Breaking tradition farmers adopted new path benefited from direct sowing
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