Agriculture Live Blogइस सप्ताह दो सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है, जिसमें 4 अप्रैल को गतिविधियां अपने चरम पर रह सकती हैं. मौसम विभाग के अनुसार, 31 मार्च को मध्य और पूर्वी भारत और उत्तर प्रायद्वीपीय भारत में अलग-अलग स्थानों पर ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है. वहीं पूर्वोत्तर और आसपास के पूर्वी भारत में पूरे सप्ताह गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश का असर बना रह सकता है, जहां 31 मार्च और 1 अप्रैल को कुछ स्थानों पर भारी वर्षा संभव है. दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में भी सप्ताह भर रुक-रुक कर बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है, जबकि केरल में 31 मार्च से 1 अप्रैल के बीच कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है.
भारत ने मंगलवार को विश्व व्यापार संगठन (WTO) में अपने प्रस्ताव पर चर्चा शुरू करने का आह्वान किया, जिसमें उभरती और सबसे कम विकसित अर्थव्यवस्थाओं को आधुनिक तकनीक हस्तांतरित करने की बात की गई है. इसका उद्देश्य इन देशों की वैश्विक व्यापार में हिस्सेदारी बढ़ाना है. इसके साथ ही भारत ने कृषि वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए “संभावित नई दृष्टिकोण” अपनाने पर भी जोर दिया. वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि देश ने डिजिटल डिवाइड, डिजिटल अवसंरचना, कौशल और नियामक ढांचे पर भी मजबूत काम करने का समर्थन किया, ताकि विकासशील और सबसे कम विकसित देशों को लाभ मिल सके. ये मुद्दे हाल ही में कैमरून के याऊंडे में सम्पन्न 14वें WTO मंत्रीस्तरीय सम्मेलन में सामने आए.
वैश्विक तेल की कीमतों में तेजी और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच बुधवार को वाणिज्यिक एलपीजी (Commercial LPG) की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की गई. तेल विपणन कंपनियों के अनुसार, 19 किग्रा का एक वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर अब दिल्ली में ₹2,078.50 में बिकेगा. इससे पहले एलपीजी की कीमतें 1 मार्च को ₹114.50 प्रति 19-किग्रा सिलेंडर बढ़ाई गई थीं. विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का सीधा असर घरेलू ऊर्जा बाजार पर पड़ रहा है. वाणिज्यिक एलपीजी का यह नया रेट उद्योगों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर वित्तीय दबाव बढ़ा सकता है. सरकार और तेल कंपनियां लगातार अंतरराष्ट्रीय बाजार पर नजर रख रही हैं, लेकिन फिलहाल घरेलू उपभोक्ताओं और व्यवसायों को बढ़ी कीमतों के साथ ही एलपीजी का उपयोग करना पड़ेगा.
तीर्थराज प्रयाग के जसरा ब्लॉक के बिंदव गांव में ‘किसान तक’ किसान कारवां पहुंचा, जहां किसानों ने उमंग और जोश के साथ कार्यक्रम में हिस्सा लिया. उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में चल रहे इस विशेष अभियान का यह 53वां पड़ाव रहा, जिसने किसानों में उत्साह और उम्मीद की नई लहर जगाई.
मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार,पश्चिमी विक्षोभ के चलते राजधानी लखनऊ में मौसम बदल चुका है, बुधवार सुबह से रुककर हल्की बारिश हो रही है. वहीं आज सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए है. इस बदलते मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. इस समय गेहूं और अन्य फसलें पकने की स्थिति में हैं और तेज बारिश या आंधी से फसलों को नुकसान हो सकता है.
पश्चिम एशिया में होरमुज जलडमरूमध्य के बंद होने से वैश्विक अर्थव्यवस्था और कृषि पर गंभीर असर पड़ा है. इस संकट के कारण दुनिया की लगभग 50 प्रतिशत खाद की सप्लाई रुक गई है, जिससे एशियाई देशों में फसलों की बुवाई पर खतरा उत्पन्न हो गया है. नाइट्रोजन आधारित खाद की कीमतों में लगभग 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जिससे किसानों की लागत बढ़ गई है. इस चुनौतीपूर्ण स्थिति में रूस ने ग्लोबल साउथ और पूर्वी देशों के लिए खाद और अन्य कृषि उत्पादों की आपूर्ति करने का प्रस्ताव रखा है. रूस ने बहुआयामी सहयोग की भी पेशकश की है, जिससे इन देशों के कृषि क्षेत्र को मजबूत किया जा सके. संकट ने वैश्विक खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा को भी खतरे में डाल दिया है. रूस का यह कदम कई देशों के लिए राहत का माध्यम बन सकता है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए क्षेत्र में शांति और सहयोग आवश्यक है.
Farmer Registry: उत्तर प्रदेश में किसानों की फॉर्मर रजिस्ट्री (Farmer ID) के लिए योगी सरकार का महाअभियान जारी है. बहुत सारी दिक्कतों के चलते प्रदेश के लाखों किसान अभी भी इस काम को पूरा नहीं कर पाए हैं. प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि लगभग दो करोड़ किसानों ने फॉर्मर रजिस्ट्री करा ली है, जबकि 50 लाख किसान ऐसे हैं, जिन्होंने अब तक फॉर्मर रजिस्ट्री नहीं कराई है. उन्होंने प्रदेश के ऐसे किसानों से अपील किया कि केंद्र और राज्य सरकार की लाभपरक योजनाओं का लाभ लेने के लिए 15 मई तक फॉर्मर रजिस्ट्री अवश्य करा लें.
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बिहार राज्य में 9,00,000 से अधिक किसान "बिहार कृषि" मोबाइल ऐप का उपयोग करके कृषि विभाग की सभी योजनाओं, फसलों के बाज़ार मूल्यों, उर्वरकों की उपलब्धता, मौसम के अपडेट, पौधों की सुरक्षा से जुड़ी सलाह और अन्य जानकारियों तक पहुँच प्राप्त कर रहे हैं.
इन राज्यों में मौसम काफी खराब हो सकता है. भारी बारिश, आंधी-तूफान और ओलावृष्टि के लिए चेतावनी जारी की गई है. बिहार के कुछ हिस्सों में हवा की गति 50-60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुँच सकती है, जिसे एक खतरनाक स्थिति माना जाता है.
डोडा ज़िले के भद्रवाह स्थित गुलडांडा में हाल ही में हुई बर्फ़बारी देश भर से हज़ारों पर्यटकों को आकर्षित कर रही है; ये पर्यटक वसंत ऋतु में होने वाली इस दुर्लभ बर्फ़बारी का अनुभव करने के लिए इन ऊँचे पहाड़ी घास के मैदानों की ओर उमड़ रहे हैं.
देश भर में मौसम ने इस समय एक अलग ही करवट ली है. आम तौर पर, मार्च के आखिर तक तेज़ गर्मी लोगों को परेशान करने लगती है; लेकिन इस बार, मौसम काफी सुहावना बना हुआ है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मौसम का यह सुहावना मिजाज अगले कुछ दिनों तक बने रहने की संभावना है. मौसम के मिजाज में आए इस बदलाव की वजह लगातार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और अलग-अलग इलाकों में बन रहे चक्रवाती सिस्टम हैं. नतीजतन, देश के कई हिस्सों में बारिश, तेज़ हवाओं, आंधी-तूफान और-कुछ अलग-थलग इलाकों में-ओलावृष्टि के लिए अनुकूल हालात बन रहे हैं.
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